Chhattisgarh Religious Fair कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक के ग्राम आलोर झाटीबन में आयोजित लिंगेश्वरी माता मेले में इस बार का नजारा बेहद खास रहा। केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम और कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग खुद मेले में पहुंचे और माता लिंगेश्वरी के दरबार में माथा टेककर क्षेत्र की तरक्की और खुशहाली की कामना की।
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माता के दरबार में विधायक और सांसद ने मांगा आशीर्वाद
जिले के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिने जाने वाले इस मेले में हर साल हजारों श्रद्धालु दूर-दराज से पहुंचते हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को विधायक नीलकंठ टेकाम और सांसद भोजराज नाग ने भी माता लिंगेश्वरी के दर्शन किए। दोनों नेताओं ने माता से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और सभी भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। Chhattisgarh Religious Fair
विधायक टेकाम ने माता के चरणों में नमन करते हुए कहा कि इस पावन धरा पर आकर आत्मिक शांति मिलती है। उन्होंने खास तौर पर निसंतान दंपतियों के लिए भी प्रार्थना की कि माता की कृपा से उनके जीवन में संतान सुख की प्राप्ति हो सके।
श्रद्धालुओं को परोसी खीर प्रसाद https://dainikhistory.com/
दर्शन के बाद विधायक नीलकंठ टेकाम ने मेले में जुटे श्रद्धालुओं को अपने हाथों से खीर का प्रसाद परोसा। प्रसाद वितरण के दौरान विधायक ने लोगों से बातचीत की और सभी को लिंगेश्वरी मेले की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। श्रद्धालुओं ने भी इस gesture को बहुत सराहा और विधायक के साथ मिलकर मेले की रौनक को और बढ़ा दिया। Chhattisgarh Religious Fair
45 वर्षों से लग रहा है लिंगेश्वरी मेला
लिंगेश्वरी माता का यह मेला आलोर झाटीबन में पिछले 45 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है। इस दौरान सिर्फ जिले के ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों से और देश-विदेश से भी भक्त माता के दरबार में पहुंचते हैं। यहां का आध्यात्मिक माहौल श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। Chhattisgarh Religious Fair
लिंगेश्वरी माता को क्षेत्र की आराध्य देवी माना जाता है। मान्यता है कि यहां मांगी गई मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही कारण है कि हर साल मेले के दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। Chhattisgarh Religious Fair
विधायक टेकाम का भावुक संदेश
मंच से बोलते हुए विधायक नीलकंठ टेकाम ने कहा – “लिंगेश्वरी माता का यह दरबार हमेशा भक्तों को सकारात्मक ऊर्जा देता है। माता का आशीर्वाद हर घर तक पहुंचे, यही हमारी प्रार्थना है। यह मेला हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। मेरी यही कामना है कि इस पावन स्थल की पहचान और अधिक दूर-दूर तक फैले।” Chhattisgarh Religious Fair
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ते हैं और भाईचारे को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और मेले की व्यवस्था में जुटे सभी लोगों की सराहना भी की। Chhattisgarh Religious Fair
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मेले में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
लिंगेश्वरी मेले में इस बार भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। दिनभर भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा। गांव से लेकर आसपास के कस्बों तक लोग परिवार सहित मेले में पहुंचे और धार्मिक माहौल का आनंद लिया।
श्रद्धालुओं का कहना था कि लिंगेश्वरी माता के आशीर्वाद से हर बार उनके जीवन में नई खुशियां आती हैं और वे अगले साल भी यहां आने का संकल्प लेकर लौटते हैं। Chhattisgarh Religious Fair
आस्था और संस्कृति का संगम
कुल मिलाकर, आलोर झाटीबन का लिंगेश्वरी मेला न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को भी संजोए हुए है। विधायक नीलकंठ टेकाम और सांसद भोजराज नाग की मौजूदगी से मेले की गरिमा और बढ़ गई। नेताओं द्वारा प्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं से जुड़ाव ने इस आयोजन को और खास बना दिया।
लोगों का मानना है कि ऐसे धार्मिक मेलों से समाज में एकजुटता और अपनापन बढ़ता है। यही कारण है कि पिछले चार दशक से यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में भी इसे और बड़े स्तर पर मनाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।