जितेंद्र साहू धमतरी, 23 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा बांध कहे जाने वाला रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) अब लगभग 90 प्रतिशत भर चुका है। बांध का अधिकतम जलस्तर 348.70 मीटर है, जबकि शनिवार को इसका जलस्तर 347.85 मीटर दर्ज किया गया। यानी अब यह अपनी पूरी क्षमता से सिर्फ 0.85 मीटर दूर है।
(The Gangrel dam in Chhattisgarh is 90% full. The water level of the dam has reached 347.85 meters, which is only 0.85 meters less than the maximum level.Due to continuous rain, the gates can be opened at any time. The district administration has issued an alert in view of the possibility of floods and warnings have also been sent to neighboring districts and states.)
पिछले कई दिनों से कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश की वजह से बांध में रोज़ाना करीब 14 हजार क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की जा रही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में गंगरेल बांध पूरी तरह भर जाएगा। अगर बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा, तो बांध प्रबंधन को किसी भी वक्त गेट खोलने पड़ सकते हैं।
डाउनस्ट्रीम इलाकों में बाढ़ का खतरा
गेट खोले जाने की स्थिति में बांध से अचानक बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जाएगा। ऐसे में महानदी और आसपास के नदी किनारे बसे इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने पहले ही लोगों को सचेत कर दिया है कि वे निचले इलाकों से सुरक्षित जगहों पर चले जाएं।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि—
नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए।
मवेशियों और ज़रूरी सामानों को भी पहले से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जाए।
किसी भी आकस्मिक स्थिति में राहत एवं बचाव दल तत्काल कार्रवाई करें।
इसके अलावा, बांध प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि जलस्तर और गेट संचालन की ताज़ा जानकारी प्रशासन को लगातार दी जाए, ताकि हालात पर नज़र रखी जा सके।
पड़ोसी जिलों और ओडिशा को भेजी गई चेतावनी
गंगरेल बांध का पानी केवल धमतरी ही नहीं, बल्कि कई जिलों से होकर गुजरता है। डाउनस्ट्रीम जलप्रवाह रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ तक जाता है। इतना ही नहीं, इसका असर ओडिशा के संबलपुर जिले में भी देखने को मिलता है।
इसी वजह से सभी जिलों के कलेक्टरों को पहले से पत्र भेजकर अलर्ट कर दिया गया है ताकि वहां की प्रशासनिक तैयारी समय रहते पूरी हो सके।
आपदा प्रबंधन दल तैनात
संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन दल, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस बल को तैयार रहने के आदेश दिए हैं। साथ ही, आम नागरिकों को सतर्क करने के लिए मोबाइल मैसेज, अखबार, टीवी और रेडियो के ज़रिए लगातार जानकारी देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
पर्यटकों पर नज़र, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
गंगरेल बांध हर साल बारिश के मौसम में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। इस बार भी गेट खोलने की स्थिति में यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने पुलिस बल को अतिरिक्त सुरक्षा घेरा बनाने और बांध क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का आदेश दिया है, ताकि किसी भी हादसे को रोका जा सके।
सावधानी ही सुरक्षा
फिलहाल धमतरी और आसपास के लोगों से प्रशासन ने अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। नदी किनारे जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
गंगरेल बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और हालात पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में बारिश का दौर कैसा रहता है और कब तक बांध के गेट खोलने की नौबत आती है।