प्रदीप कुमार भिलाई। शुक्रवार की दरमियानी रात भिलाई स्टील प्लांट में हुए एक बड़े हादसे ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। जानकारी के मुताबिक प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस-8 का डस्ट क्रिएटर अचानक फट गया, जिससे धमन भट्टी में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि उसकी लपटें कई किलोमीटर दूर से साफ दिखाई दे रही थीं।
(Bhilai Steel Plant accident: Huge fire in Blast Furnace-8, questions raised on safety)
यह आगजनी सिर्फ फर्नेस तक ही सीमित नहीं रही बल्कि प्लांट के स्टोर और आसपास के हिस्सों को भी अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की खबर मिलते ही कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
फायर ब्रिगेड की टीमों ने घंटों किया रेस्क्यू
घटना की जानकारी मिलते ही इस्पात संयंत्र की चार से पांच फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग इतनी तेज थी कि फायर ब्रिगेड को भी स्थिति संभालने में काफी मुश्किलें आईं।
प्लांट के सूत्रों के अनुसार, हादसा डस्ट क्रिएटर का वाल्व अचानक खुल जाने के कारण हुआ। इस वजह से बड़ी मात्रा में कोयला जलकर राख हो गया। आग से आसपास की विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित रही, जिससे कुछ समय तक प्लांट की अन्य यूनिटों पर भी असर पड़ा।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे
हादसे की गंभीरता को देखते हुए भिलाई स्टील प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने हालात का जायजा लिया और रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज किया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी बड़े जनहानि की खबर सामने नहीं आई है। हालांकि प्लांट को कितना आर्थिक नुकसान हुआ है, इसका आकलन अभी किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
भिलाई स्टील प्लांट में यह पहला हादसा नहीं है। पहले भी यहां कई बार सुरक्षा में लापरवाही और तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में शुक्रवार रात का यह हादसा एक बार फिर से प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कर्मचारियों के लिए खतरनाक हैं, बल्कि आसपास के बस्तियों के लिए भी बड़ा खतरा साबित हो सकती हैं। अगर आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था।
नुकसान का आकलन जारी
फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन प्लांट को भारी नुकसान हुआ है। कोयले का बड़ा भंडार जलकर राख हो गया है और कई उपकरण भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। अनुमान है कि इस दुर्घटना से करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है।
प्लांट प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर डस्ट क्रिएटर का वाल्व अचानक कैसे खुला और सुरक्षा इंतजामों में कहां कमी रही।