Bastar airport छत्तीसगढ़ राज्य ने 25 सालों की छोटी सी यात्रा में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन के साथ-साथ अब हवाई सफर भी इस राज्य की पहचान बन चुका है। खासकर बस्तर संभाग, जो कभी अपनी भौगोलिक कठिनाइयों और अंदरूनी इलाकों के कारण बाकी राज्य से थोड़ा कटा-कटा सा रहता था, अब हवाई मार्ग से देश के बड़े शहरों से जुड़ चुका है।
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जगदलपुर एयरपोर्ट, जिसे अब माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा कहा जाता है, यहाँ के लोगों के लिए विकास का नया द्वार खोल रहा है। सितंबर 2020 से शुरू हुई नियमित उड़ान सेवाओं ने अब तक लगभग तीन लाख यात्रियों को सफर करने का मौका दिया है। Bastar airport
एयरपोर्ट का इतिहास और नामकरण
जगदलपुर एयरपोर्ट की कहानी काफी पुरानी है। इसका निर्माण ब्रिटिश शासन के दौरान वर्ष 1939 में शुरू हुआ था और इसे उस समय जहाज भाटा के नाम से जाना जाता था। लंबे समय तक यह सिर्फ हवाई पट्टी के तौर पर इस्तेमाल होता रहा।
साल 2017 में उड़ान योजना (UDAN) के तहत एयरपोर्ट के उन्नयन का काम शुरू हुआ। 2019 में इसे 3C श्रेणी में अपग्रेड किया गया, जिससे एटीआर-72 जैसे विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ़ संभव हो सकी। इसके बाद 2020 में छत्तीसगढ़ सरकार ने इस एयरपोर्ट का नाम माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा रखा। Bastar airport
उड़ान सेवाओं की शुरुआत
सितंबर 2020 में एलायंस एयर ने रायपुर और हैदराबाद के लिए उड़ानों की शुरुआत की। इसी के साथ बस्तर संभाग पहली बार सीधे हवाई सेवा से जुड़ा। इसके बाद धीरे-धीरे नई उड़ानें शुरू हुईं। Bastar airport
एलायंस एयर ने जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद के लिए सीधी उड़ान सेवा की शुरुआत की।
दिल्ली और जबलपुर के लिए भी सप्ताह में दो दिन उड़ानें शुरू हुईं।
मार्च 2024 से इंडिगो ने हैदराबाद से जगदलपुर होते हुए रायपुर के लिए रोज़ाना उड़ान सेवा शुरू की।
इंडिगो की एक विशेष उड़ान सप्ताह में एक दिन दिल्ली तक पैरामिलिट्री फ़ोर्स के लिए संचालित की जा रही है।
इन सेवाओं के बाद अब बस्तर से बड़े शहरों तक पहुंचना बहुत आसान हो गया है।
बस्तर के विकास में हवाई सेवा की भूमिका
जगदलपुर एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू होने के बाद बस्तर संभाग में कई बदलाव दिख रहे हैं।
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व्यापार और रोजगार
हवाई कनेक्टिविटी ने बस्तर के व्यापार को गति दी है। स्थानीय उत्पाद जैसे हर्बल वस्तुएं, हस्तशिल्प और वनोपज अब सीधे बड़े बाजारों तक पहुँच रहे हैं। व्यापारी वर्ग को भी रायपुर, दिल्ली और हैदराबाद जैसे शहरों में आसानी से बिजनेस करने का मौका मिल रहा है। Bastar airport
पर्यटन को मिला बड़ा बढ़ावा
बस्तर हमेशा से अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है। अब एयरपोर्ट की वजह से देश-विदेश से पर्यटक यहाँ आसानी से पहुँच पा रहे हैं।
चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान
बस्तर दशहरा का भव्य उत्सव
इन सभी पर्यटन स्थलों तक यात्रियों की पहुँच अब बहुत आसान हो गई है।
स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार
पहले गंभीर मरीजों को रायपुर या हैदराबाद तक पहुँचाने में बहुत समय लग जाता था। लेकिन अब हवाई मार्ग की वजह से मरीजों को बड़े अस्पतालों तक जल्दी ले जाया जा सकता है। यह सुविधा जीवन बचाने में बहुत मददगार साबित हो रही है। Bastar airport
युवाओं के लिए शिक्षा और करियर
छात्रों और युवाओं के लिए अब बड़े शहरों तक जाना आसान हो गया है। चाहे पढ़ाई करनी हो, नौकरी तलाशनी हो या ट्रेनिंग लेनी हो – हवाई सेवा ने सबको नज़दीक ला दिया है। Bastar airport
स्थानीय लोगों का अनुभव
हवाई सेवा शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने उड़ान भरने का सपना पूरा किया। अबूझमाढ़ के लालू राम मंडावी सितंबर 2020 में जगदलपुर से यात्रा करने वाले पहले यात्री बने थे। आज हजारों लोग रोज़ाना इस सुविधा का फायदा उठा रहे हैं। Bastar airport
आने वाले समय की संभावनाएं
जगदलपुर एयरपोर्ट अब सिर्फ एक हवाई पट्टी नहीं, बल्कि बस्तर की आर्थिक प्रगति का केंद्र बन चुका है। आने वाले समय में और भी उड़ानों और शहरों से जुड़ने की योजना है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा बल्कि पूरे क्षेत्र का विकास तेज़ी से होगा।
बस्तर संभाग को मिली हवाई सुविधा ने यहाँ के विकास की नई उड़ान भर दी है। अब तक लगभग तीन लाख लोग इस सेवा का लाभ उठा चुके हैं। रायपुर, हैदराबाद, दिल्ली और अन्य शहरों से जुड़ने के बाद बस्तर का संपर्क और मज़बूत हुआ है। यह सुविधा न केवल पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा दे रही है बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में भी अहम भूमिका निभा रही है। Bastar airport
माँ दंतेश्वरी एयरपोर्ट आने वाले समय में बस्तर के लिए सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि विकास का प्रतीक बन जाएगा।