बलरामपुर। जिला अस्पताल में 10 अगस्त की रात घटी एक बड़ी वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। शराब के नशे में धुत एक युवक ने न केवल अस्पताल के स्टाफ से बदसलूकी की, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक पर भी हमला कर मोबाइल लूट लिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में इस घटना के चारों आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए हैं।
घटना कैसे हुई
मामला रात करीब 11 बजे का है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी कर रही स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय के पास अचानक दिलसाय सोनवानी नाम का युवक पहुंचा। शराब के नशे में उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और शासकीय कार्य में बाधा डाली। सूचना पर वहां मौजूद पुलिस आरक्षक तुरंत पहुंचे और आरोपी को समझाकर बाहर भेज दिया।
लेकिन कुछ देर बाद दिलसाय अपने तीन साथियों—राम सोनवानी, सुखसेन सोनवानी और अमसिया सोनवानी—के साथ वापस लौटा। चारों ने मिलकर पुलिस आरक्षक पर हमला किया और उसका मोबाइल छीन लिया। बीच-बचाव करने आए अस्पताल गार्ड महेश सिंह के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की।
पुलिस की फुर्तीली कार्रवाई
वारदात की खबर मिलते ही कोतवाली पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। टीम ने घटना को गंभीर मानते हुए मौके से सबूत इकट्ठा किए और गवाहों से बयान लिए। इसके आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 110/2025 दर्ज किया, जिसमें धारा 309(6), 296, 351(3), 115, 221, 121(1), 132 और 3(5) बीएनएस शामिल हैं।
जांच में पता चला कि सभी आरोपी बलरामपुर के ही रहने वाले हैं। पुलिस टीम ने दबिश देकर दिलसाय सोनवानी (26), राम सोनवानी (46), सुखसेन सोनवानी (19) और अमसिया सोनवानी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में चारों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और घटना में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद करा दिया।
कड़ी चेतावनी दी पुलिस ने
बलरामपुर पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह की गुंडागर्दी और सरकारी काम में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने कहा, “अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की हरकत गंभीर अपराध है। दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।”
लोगों में आक्रोश, सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अस्पताल में मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर और पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। रात में सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने और पुलिस की पेट्रोलिंग तेज करने की मांग भी उठी है।