बलरामपुर Balrampur health news नगर पालिका एक बार फिर सुर्खियों में है और वजह बेहद चौंकाने वाली है। नगर पालिका कार्यालय की छत पर लाखों रुपये की दवाइयों के कार्टून सड़ते हुए मिले हैं। ये वही दवाइयां हैं जिन्हें मुख्यमंत्री शहरी स्वास्थ्य स्लम योजना के तहत जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाया जाना था। लेकिन अफसरों की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते ये दवाइयां समय पर इस्तेमाल ही नहीं हो पाईं और अब बेकार हो चुकी हैं।
Table of Contents
(Balrampur Nagar Palika has once again come into the spotlight, and the reason is truly shocking. Cartons of medicines worth lakhs of rupees were found rotting on the roof of the municipal office. These were the very medicines meant to be delivered to needy patients under the Chief Minister Urban Health Slum Scheme. But due to the negligence and corruption of the officials, the medicines were never distributed on time and have now become completely useless.)
मरीजों तक नहीं पहुंचीं ज़रूरी दवाइयां
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक ये दवाइयां एम्बुलेंस और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त दी जानी थीं। लेकिन हकीकत ये है कि जिन लोगों को इन दवाइयों से फायदा मिलना चाहिए था, वो अस्पतालों में इलाज के लिए दवा-दर-दवा भटकते रहे और लाखों की दवाइयां छत पर पड़ी-पड़ी बर्बाद हो गईं।
भ्रष्टाचार या महज लापरवाही?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सिर्फ अफसरों की लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित घोटाला है। नगर पालिका के सीएमओ प्रणव कुमार राय पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जरूरत से कहीं ज्यादा दवाइयां क्यों खरीदी गईं? क्या ये खरीद केवल बिल बढ़ाने और कमीशनखोरी के लिए की गई थी? Balrampur health news
सरकारी धन की बर्बादी
यह घटना सरकारी धन की बर्बादी का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। जहां एक तरफ आम जनता को अस्पतालों में दवा के अभाव से जूझना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर लाखों की दवाइयां एक्सपायर होकर फेंक दी जाती हैं। इससे न केवल मरीजों को नुकसान हुआ बल्कि सरकार का करोड़ों का बजट भी बेकार चला गया। Balrampur health news
सीएमओ का पल्ला झाड़ना
जब इस मामले पर नगर पालिका के सीएमओ प्रणव कुमार राय से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा—
“ये दवाइयां मेरे जॉइनिंग से पहले की हैं। करीब तीन साल से छत पर पड़ी हैं और बिना ऑडिट के इन्हें नष्ट नहीं किया जा सकता। विभाग को जानकारी दे दी गई है, ऑडिट के बाद ही डिस्पोजल होगा।” Balrampur health news
लेकिन दवाइयों के कार्टून पर लिखी एक्सपायरी डेट कुछ और ही कहानी बयां करती है। कई दवाइयां अभी कुछ महीनों पहले ही एक्सपायर हुई हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर ये दवाइयां तीन साल से छत पर पड़ी थीं, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई? Balrampur health news
आम जनता में आक्रोश
इस पूरे मामले से स्थानीय लोग बेहद नाराज हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। जिन दवाइयों से हजारों मरीजों को राहत मिल सकती थी, वो लापरवाही के कारण अब कचरे में जा रही हैं।
बड़ा सवाल – कार्रवाई कौन करेगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि लाखों की दवाइयां बर्बाद करने वालों पर आखिर जिम्मेदारी तय कौन करेगा?
क्या दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? Balrampur health news
क्या घोटाले की जांच होगी? Balrampur health news
या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़
बलरामपुर का यह मामला सिर्फ दवाइयों की बर्बादी का नहीं है बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का भी है। यह घटना यह भी बताती है कि योजनाएं कितनी भी अच्छी क्यों न हों, अगर अफसर ईमानदारी से काम न करें तो उनका फायदा कभी जनता तक नहीं पहुंच पाता। Balrampur health news
पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल
यह मामला नगर पालिका की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जरूरतमंद मरीजों के लिए खरीदी गई दवाइयां छत पर सड़ जाएं, इससे बड़ी लापरवाही और क्या हो सकती है? अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाता है या फिर यह खबर भी कुछ दिनों बाद ठंडी पड़ जाएगी। Balrampur health news
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08