गोवर्धन। Govardhan temple fraud धार्मिक नगरी गोवर्धन के मानसी गंगा स्थित प्रसिद्ध गिर्राज मुकुट मुखारबिंद मंदिर और हरगोकुल मंदिर (दसविसा) से जुड़ा एक बड़ा आर्थिक घोटाला सामने आया है। मंदिर प्रबंधन ने दोनों मंदिरों के ठेकेदारों पर तीन करोड़ रुपये से अधिक की राशि गबन करने का गंभीर आरोप लगाया है।
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मंदिर के सहायक प्रबंधक बंसीलाल ने इस पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों ने मंदिर की आय से जुड़ी रकम, जिसमें दूध भोग, भेंट, गोलक और पूजा से मिलने वाली राशि शामिल है, का सही हिसाब नहीं दिया और लंबे समय से बकाया भुगतान नहीं किया है। Govardhan temple fraud
मंदिर प्रबंधन ने बताया, हर महीने बोली लगाकर उठाए जाते हैं ठेके
शिकायत में यह स्पष्ट किया गया है कि मंदिरों में हर महीने दूध भोग, पूजा, भेंट और गोलक का ठेका बोली लगाकर ठेकेदारों को दिया जाता है। यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। ठेका लेने वाले ठेकेदारों को हर महीने मंदिर को निश्चित रकम जमा करनी होती है। Govardhan temple fraud
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि सात ठेकेदारों ने लगातार भुगतान में लापरवाही दिखाई है। कई बार नोटिस भेजने और मौखिक रूप से कहने के बाद भी उन्होंने बकाया रकम नहीं चुकाई। अब मामला तीन करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी तक पहुंच चुका है।
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सहायक प्रबंधक ने एसएसपी को सौंपा पत्र, की कानूनी कार्रवाई की मांग
मंदिर के सहायक प्रबंधक बंसीलाल ने एसएसपी को सौंपे पत्र में सातों ठेकेदारों के नाम और उनके बकाया की जानकारी भी दी है। उन्होंने लिखा है कि मंदिर का पैसा जनता की श्रद्धा और भगवान की भक्ति से जुड़ा है। ऐसे में इस तरह की लापरवाही या धोखाधड़ी न केवल धार्मिक आस्था से खिलवाड़ है, बल्कि कानूनी अपराध भी है। Govardhan temple fraud
बंसीलाल ने कहा कि ठेकेदारों को कई बार भुगतान के लिए कहा गया, लेकिन वे जानबूझकर आनाकानी कर रहे हैं। उनकी मंशा मंदिर की आय को हड़पने की है, जो पूरी तरह से धोखाधड़ी और जालसाजी की श्रेणी में आता है। Govardhan temple fraud
तीन करोड़ से अधिक की रकम का नहीं हुआ हिसाब
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, दोनों मंदिरों से प्रतिमाह लाखों की आय होती है, जिसमें दर्शनार्थियों द्वारा चढ़ाई गई भेंट, पूजा सामग्री, गोलक में जमा राशि और दूध भोग के ठेके से आय शामिल होती है। इन सभी का रिकॉर्ड मंदिर के प्रबंधन द्वारा रखा जाता है।
लेकिन कई महीनों से सात ठेकेदारों ने निर्धारित रकम जमा नहीं की है। जब उनसे भुगतान का विवरण मांगा गया तो उन्होंने या तो चुप्पी साध ली या टालमटोल करने लगे। Govardhan temple fraud
अब जब रकम करोड़ों तक पहुंच गई, तब मंदिर प्रशासन ने पूरे मामले को कानूनी रूप से निपटाने का निर्णय लिया।
धार्मिक स्थल में गबन का मामला, श्रद्धालुओं में आक्रोश
इस घटना के बाद श्रद्धालुओं में भी नाराजगी देखी जा रही है। गिर्राज मुकुट मुखारबिंद मंदिर में हर दिन हजारों भक्त आते हैं और भगवान को भोग अर्पित करते हैं। ऐसे में मंदिर से जुड़ी धनराशि में धोखाधड़ी की खबर सुनकर भक्तों ने भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है। Govardhan temple fraud
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि इस तरह की घटनाएं मंदिरों की साख पर बुरा असर डालती हैं और श्रद्धालु दान देने में हिचकिचाने लगते हैं। उन्होंने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कदम उठाने की अपील की है। Govardhan temple fraud
पुलिस जांच की तैयारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई
एसएसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है।
जांच के बाद यदि आरोप सही पाए गए तो ठेकेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि वह पूरी तरह से जांच में सहयोग करेगा ताकि भगवान के नाम पर एक भी रुपया गलत हाथों में न जाए। Govardhan temple fraud
गोवर्धन जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह का आर्थिक घोटाला चिंताजनक है। यह न सिर्फ श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाता है, बल्कि मंदिर की प्रतिष्ठा पर भी सवाल खड़े करता है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Govardhan temple fraud