प्रदीप कुमार दुर्ग। (Bilaspur train accident) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम हुआ भीषण रेल हादसा अब तक पूरे प्रदेश को झकझोर चुका है। लाल खदान स्टेशन के पास कोरबा पैसेंजर और मालगाड़ी के बीच हुई जोरदार टक्कर में जहां 11 लोगों की मौत हो गई, वहीं 20 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोगों के चेहरों पर डर और आंसू दोनों देखने को मिले।
यह दर्दनाक घटना मंगलवार शाम करीब 4 बजे गटोरा और बिलासपुर स्टेशन के बीच हुई। बताया जा रहा है कि कोरबा पैसेंजर ट्रेन ने आगे जा रही मालगाड़ी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए। कई यात्री डिब्बों में फंस गए, जिन्हें निकालने में बचाव दल को भारी मशक्कत करनी पड़ी। Bilaspur train accident
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स्थानीय लोगों, आरपीएफ और रेल प्रशासन की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। रातभर चले अभियान में दर्जनों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को बिलासपुर के सिम्स, अपोलो, रेलवे अस्पताल और अरपा मेड सिटी में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कई घायल यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस बीच, दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत दर्दनाक और हृदयविदारक घटना है। मैं दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” सांसद ने बताया कि रेस्क्यू टीमें लगातार मौके पर राहत कार्यों में जुटी हैं और सभी घायलों को बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।
रेलवे प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए और गंभीर घायलों को 5 लाख रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया गया है। सांसद बघेल ने यह भी कहा कि दुर्घटना की जांच जरूरी है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। Bilaspur train accident
उन्होंने यह भी बताया कि यात्रियों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है, जहां से लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं। प्रशासन और पुलिस अधिकारी खुद राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
बिलासपुर जिला प्रशासन ने भी राहत और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि यात्रियों के परिजन तत्काल जानकारी प्राप्त कर सकें। Bilaspur train accident
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कोचों के मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों और गैस कटर की मदद ली जा रही है। रातभर चले अभियान में दर्जनों यात्रियों को बाहर निकाला गया, जिनमें कई बच्चों और महिलाओं को भी गंभीर चोटें आईं। Bilaspur train accident
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा भयानक मंजर पहली बार देखा। हादसे के वक्त ट्रेन की चीखती आवाज और यात्रियों की मदद की पुकार ने हर किसी को दहला दिया। Bilaspur train accident
प्रदेश सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और ट्रैक को जल्द बहाल करने की कोशिशें जारी हैं। Bilaspur train accident