छतरपुर। (illegal mining mp) जिले में अवैध खनन पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर न्यायालय ने कबरई स्थित कंपनी मेसर्स भाऊ स्टोन मिल बदौराकला पर अवैध पत्थर उत्खनन के मामले में भारी जुर्माना ठोका है। अदालत ने कंपनी पर 73 करोड़ 44 लाख रुपए का जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई जिले में अवैध खनन पर अब तक की सबसे बड़ी सजा मानी जा रही है।
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अवैध उत्खनन का मामला
दरअसल, यह मामला वर्ष 2021 का है जब खनिज विभाग और राजस्व अमला ने कबरई क्षेत्र में जांच की थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि कंपनी ने अपने स्वीकृत क्षेत्र से अधिक जगह पर पत्थर का उत्खनन किया है। विभागीय टीम ने मौके पर जाकर माप-जोख की, जिसके बाद लगभग 2 लाख 4 हजार घन मीटर पत्थर का अवैध उत्खनन सामने आया था। (illegal mining mp)
इस गंभीर मामले पर खनिज विभाग ने तत्काल रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में पेश की थी। जांच के बाद कलेक्टर न्यायालय में यह केस पिछले कुछ वर्षों से विचाराधीन था। अब इस मामले में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कंपनी को दोषी पाया और भारी जुर्माने का आदेश जारी किया है। (illegal mining mp)
लंबे समय से लंबित था मामला
जानकारी के अनुसार, यह मामला 25 जनवरी 2021 को दर्ज किया गया था। तब से लगातार विभागीय कार्रवाई और रिपोर्ट की समीक्षा चल रही थी। खदान ठेकेदार पर आरोप था कि उसने न केवल स्वीकृत क्षेत्र से बाहर जाकर पत्थर निकाला बल्कि सरकारी नियमों की भी अनदेखी की। (illegal mining mp)
कलेक्टर न्यायालय में पेश दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर यह साबित हुआ कि कंपनी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए अत्यधिक मात्रा में पत्थर की खुदाई की थी। (illegal mining mp)
कलेक्टर का सख्त रुख
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने आदेश जारी करते हुए कहा कि पर्यावरण और राजस्व दोनों को नुकसान पहुंचाने वाले अवैध उत्खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कंपनी निर्धारित समय सीमा में जुर्माना राशि जमा नहीं करती है, तो उस पर जुर्माने की दुगनी राशि वसूली जाएगी। (illegal mining mp)
कलेक्टर ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों पर भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। (illegal mining mp)
खनिज विभाग और राजस्व अमले की भूमिका
इस कार्रवाई में खनिज विभाग के अधिकारियों और राजस्व टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम ने मौके पर जाकर जांच के दौरान पत्थर उत्खनन की सटीक माप की और सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि कंपनी ने तय सीमा से कई गुना अधिक क्षेत्र में खनन किया है। (illegal mining mp)
टीम ने सभी दस्तावेजों को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके बाद लम्बे समय से चल रहे इस केस पर अंतिम निर्णय सुनाया गया।
जिले में बढ़ा संदेश
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद जिले में अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि अब जिले में किसी भी प्रकार का अवैध खनन नहीं चलेगा। (illegal mining mp)
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फैसला प्रशासन की सख्त मंशा को दर्शाता है। इससे न केवल पर्यावरण को बचाने में मदद मिलेगी, बल्कि सरकारी राजस्व की भी रक्षा होगी। (illegal mining mp)
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आने वाले दिनों में और जांचें संभव
सूत्रों के मुताबिक, कलेक्टर ने जिले के अन्य खदान क्षेत्रों की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब अन्य खदानों में भी इसी तरह की जांच करवा सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी ठेकेदार स्वीकृत सीमा से बाहर जाकर उत्खनन न करे।
इस कार्रवाई के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि छतरपुर जिले में अवैध खनन पर लगाम लगेगी और पारदर्शिता के साथ खनन कार्य आगे बढ़ेंगे। (illegal mining mp)
कलेक्टर पार्थ जैसवाल की इस ऐतिहासिक कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अवैध उत्खनन करने वालों के लिए छतरपुर में कोई जगह नहीं है। यह फैसला न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गया है। इससे प्रशासन की सख्त कार्यशैली और कानून के प्रति गंभीरता भी झलकती है। (illegal mining mp)