फरसगांव (छत्तीसगढ़)। (Bastar Olympic 2025) बस्तर ओलंपिक खेलों का मकसद ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देना और परंपरागत खेलों को पुनर्जीवित करना है, लेकिन फरसगांव ब्लॉक में आयोजित इस ओलंपिक की शुरुआत अव्यवस्थाओं के साए में हुई। जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत आलोर के परछीपारा मैदान में सोमवार को शुरू हुए तीन दिवसीय ब्लॉक स्तरीय “बस्तर ओलंपिक 2025” में खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा।
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खेल मैदान में शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी, जिसके चलते खिलाड़ियों को खुले में शौच करने के लिए जंगल का सहारा लेना पड़ा। इस वजह से विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि आयोजन करने वाले विभाग ने अस्थायी या चलित शौचालय तक की व्यवस्था नहीं की, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “खुले में शौच मुक्त भारत” के संकल्प की धज्जियां उड़ती दिखीं। (Bastar Olympic 2025)
खिलाड़ियों की परेशानी से बिगड़ा माहौल
खिलाड़ियों ने बताया कि सुबह से लेकर शाम तक खेलों के दौरान मैदान में रहना पड़ता है, लेकिन शौचालय न होने से काफी दिक्कत हो रही है। कई प्रतिभागी दूर-दूर से आए हैं और उन्हें खेल के बीच जंगल में जाना पड़ रहा है। इस लापरवाही ने खेल आयोजन की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। (Bastar Olympic 2025)
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से पहले से ही अस्थायी शौचालय या पोर्टेबल टॉयलेट की व्यवस्था कर दी जाती तो खिलाड़ियों को ऐसी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता। यह स्थिति खासकर महिला खिलाड़ियों के लिए असुविधाजनक रही। (Bastar Olympic 2025)
मुख्य अतिथि विधायक टेकाम ने किया शुभारंभ
बावजूद इसके, खेलों की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम पहुंचे। उनके साथ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में ओलंपिक खेलों का उद्घाटन हुआ। (Bastar Olympic 2025)
पहले दिन जूनियर और सीनियर वर्ग के व्यक्तिगत खेल आयोजित किए गए जिनमें 100, 200, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, रिले रेस, भाला फेंक, गोला फेंक और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। पहले दिन कुल 544 प्रतिभागियों ने मैदान में दमखम दिखाया। (Bastar Olympic 2025)
तीन दिनों तक चलेगा ओलंपिक उत्सव
जानकारी के अनुसार इस ब्लॉक स्तरीय बस्तर ओलंपिक में फरसगांव ब्लॉक के कुल 1,779 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में दूसरे दिन यानी मंगलवार को जूनियर वर्ग के सामूहिक खेल जैसे बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साकशी कराई जाएंगी। वहीं, बुधवार को सीनियर वर्ग के खिलाड़ी इन्हीं खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
अधिकारी और प्रतिनिधि भी रहे मौजूद
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कलता मंडावी, जिपं सदस्य जायलाल नाग, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रशांत, एसडीएम अश्वन पूसाम, जनपद पंचायत सीईओ रूपेंद्र नेताम, बीईओ श्रीराम टेकाम, एबीईओ उदित सोनी, बीआरसी मरकाम, एबीआरसी भास्कर वर्मा समेत कई अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा पीटीआई शेषनाथ पांडे, जागृति पटेल, प्रवीण राव, सचिव संघ के ब्लॉक अध्यक्ष उमेश पांडे, मोहन भारद्वाज, कुमेंद पांडे, डमरू नाग, हीरा सिंह नेताम, लखन मरकाम, चैनसिंह मरापी, सुर्जन कोर्राम, महेश्वर पांडे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और खिलाड़ी उपस्थित थे।
सवाल बना, खेलों से बड़ा मुद्दा सुविधाएं
बस्तर ओलंपिक खेलों का आयोजन जहां ग्रामीण अंचल के लिए गर्व का विषय है, वहीं बुनियादी सुविधाओं की कमी ने इसकी चमक फीकी कर दी। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर खेल महोत्सव आयोजित कर रही है, तो खिलाड़ियों की मूलभूत जरूरतों पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया?
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खेल प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान खिलाड़ियों की सुविधा के लिए शौचालय, पीने के पानी और विश्राम स्थल जैसी व्यवस्थाएं प्राथमिकता में रखी जाएं।