जगदलपुर। (Bastar Olympic) बस्तर की धरती पर खेल और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला जब तोकापाल और दरभा ब्लॉक में विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलंपिक का भव्य आयोजन हुआ। इस आयोजन में पारंपरिक खेलों की धूम मची रही, जहां ग्रामीण अंचलों से आए खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ बस्तर सांसद महेश कश्यप और बस्तर विधायक विनायक गोयल ने दीप प्रज्वलित कर किया।
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दोनों जनप्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खुद भी कुछ खेलों में भाग लेकर सभी को प्रेरित किया। मैदान में तालियों की गूंज, ढोल नगाड़ों की थाप और लोकनृत्य की झलकियों ने पूरे आयोजन को एक जनउत्सव का रूप दे दिया।
16 पारंपरिक खेलों में दिखा ग्रामीण प्रतिभा का जोश
इस वर्ष बस्तर ओलंपिक में कुल 16 पारंपरिक खेलों का सफल आयोजन किया गया, जिनमें कबड्डी, रस्साकशी, तीरंदाजी, दौड़, लंबी कूद, वॉलीबॉल जैसे खेल शामिल रहे। इन खेलों में 42 पंचायतों के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हर खिलाड़ी के चेहरे पर जोश और जीत का जज़्बा साफ झलक रहा था। (Bastar Olympic)
ग्रामीण इलाकों से आए इन खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और आपसी भाईचारे का शानदार उदाहरण पेश किया। दर्शकों ने भी उत्साह से खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और पूरे आयोजन को एक उत्सव का रंग दे दिया। (Bastar Olympic)
सांसद महेश कश्यप बोले — “बस्तर ओलंपिक ने गांव-गांव में जगाया आत्मविश्वास”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि यह ग्रामीण खेलों को नई पहचान देने का माध्यम है। इससे युवाओं में आत्मविश्वास और अनुशासन की भावना विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देते हैं और उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। (Bastar Olympic)
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सांसद ने कहा, “बस्तर की युवा पीढ़ी में अपार प्रतिभा है, बस जरूरत है उन्हें अवसर देने की। बस्तर ओलंपिक इसी दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है।” (Bastar Olympic)
विधायक विनायक गोयल ने की खिलाड़ियों की सराहना
चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने कहा कि इन पारंपरिक खेलों के माध्यम से बस्तर की गौरवशाली संस्कृति और लोक परंपरा को जीवंत रखने का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि खेल से न केवल शरीर मजबूत होता है बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है। (Bastar Olympic)
उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं और विजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा, “हर खिलाड़ी अपने गांव और बस्तर का गौरव है। हार या जीत से ज्यादा महत्वपूर्ण है खेल भावना और सहभागिता।” (Bastar Olympic)
बस्तर ओलंपिक बना जनउत्सव
पूरे आयोजन के दौरान उत्साह का माहौल देखने लायक था। मैदान में उपस्थित लोग पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए, वहीं ढोल-नगाड़ों और नृत्य की धुन पर युवाओं ने खूब आनंद लिया। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से जहां खेलों को नई दिशा मिली, वहीं सामाजिक एकता, लोक संस्कृति और परंपराओं को भी नई ऊर्जा मिली। (Bastar Olympic)
इस मौके पर सांसद महेश कश्यप, विधायक विनायक गोयल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी, जिला सदस्य कामदेव बघेल, पदमनी कश्यप, सम्पत्ति महादेव नाग, जनपद अध्यक्ष रामबती भंडारी, उपाध्यक्ष रितेश दास जोशी, मानकदेई कश्यप, हरी प्रसाद कश्यप, जनपद सदस्य डिकेस नाग, गांगराम नाग, पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष लच्छिन यादव, मंडल अध्यक्ष सोमारू राम कश्यप, देवी प्रसाद वेंजाम, पूर्व मंडल अध्यक्ष फुल सिंह सेठिया, मिटकुराम बघेल सहित कई जनप्रतिनिधि, सरपंच, सचिव, शिक्षक, छात्र-छात्राएँ और अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। (Bastar Olympic)
बस्तर ओलंपिक ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बस्तर की मिट्टी में खेल प्रतिभा और संस्कृति का अद्भुत संगम छिपा है, जिसे केवल मंच और प्रोत्साहन की आवश्यकता है। (Bastar Olympic)