कांकेर, 29 अक्टूबर 2025। Poona Margham छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक और बड़ी सफलता हासिल हुई है। ‘‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ अभियान के तहत केशकाल डिवीजन (नार्थ सब जोनल ब्यूरो) के कुऐमारी और किसकोड़ो एरिया कमेटी में सक्रिय 21 नक्सलियों ने आज हथियार डालकर मुख्यधारा में वापसी की।
इस मौके पर जिला मुख्यालय में आयोजित समारोह में समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधि, मांझी चालकी और पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस आत्मसमर्पण के साथ ही कुऐमारी और किसकोड़ो एरिया कमेटी को लगभग समाप्त मान लिया गया है, जो कि नक्सल मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। Poona Margham
85 लाख रुपये के इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
मुख्यधारा में लौटने वाले इन 21 नक्सलियों में 4 डीवीसीएम (डिवीजन वाइस कमेटी मेंबर), 9 एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) और 8 पार्टी मेंबर शामिल हैं। इन सभी पर शासन द्वारा कुल 85 लाख रुपये का इनाम घोषित था। Poona Margham
इस अवसर पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलिसेला, सीटीजेडब्ल्यू कांकेर के निदेशक, बीएसएफ, एसएसबी, एसटीएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और कोंडागांव पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। Poona Margham
आत्मसमर्पण के साथ सौंपे 18 हथियार
नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के दौरान कुल 18 हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे। इनमें शामिल हैं –
- AK-47 – 03
- SLR – 04
- INSAS – 02
- 303 राइफल – 05
- 315 बोर राइफल – 01
- सिंगल शॉट राइफल – 02
- BGL – 01
इन हथियारों के साथ आत्मसमर्पण ने यह साफ संकेत दिया कि अब नक्सली हिंसा की राह छोड़ विकास और शांति की ओर बढ़ना चाहते हैं। Poona Margham
आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख नक्सल सदस्य
- रमेश उर्फ मुकेश उर्फ मानकेर हुपेंडी, डीवीसीएम के.के. डिवीजन सचिव – इनाम 8 लाख रुपये
- जग्गू गोटा उर्फ सुखदेव, डीवीसीएम कुऐमारी एरिया सचिव – इनाम 8 लाख रुपये
- रैजु सलाम उर्फ बजरु, डीवीसीएम किसकोड़ो एरिया सचिव – इनाम 8 लाख रुपये
- कैलाश सलाम उर्फ रैजू, डीवीसीएम कुऐमारी कमेटी – इनाम 8 लाख रुपये
- वसंती आंचला उर्फ राजो, एसीएम किसकोड़ो कमेटी – इनाम 5 लाख रुपये
- पुष्पा हेमला उर्फ सोमली, एसीएम किसकोड़ो – इनाम 5 लाख रुपये
- दर्शन हेमला उर्फ पोदिया, एसीएम किसकोड़ो – इनाम 5 लाख रुपये
- मनकी बाई उर्फ दयाबती गोटा, एसीएम किसकोड़ो – इनाम 5 लाख रुपये
- जगदीश मंडावी उर्फ दुखूराम, एसीएम किसकोड़ो – इनाम 5 लाख रुपये
- रमशीला पोटाई, एसीएम कुऐमारी – इनाम 5 लाख रुपये
- रामा कुंजाम, एसीएम कुऐमारी – इनाम 5 लाख रुपये
- मंगली मडकाम, एसीएम कुऐमारी – इनाम 5 लाख रुपये
- सिरनु उर्फ श्रीनू फरसा उर्फ कोसा, एसीएम कुऐमारी – इनाम 5 लाख रुपये
इसके अलावा आठ अन्य निचले स्तर के पार्टी मेंबर (पीएम) भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल रहे, जिनमें प्रत्येक पर 1 लाख रुपये का इनाम था। Poona Margham
समाज की भागीदारी से शांति का संदेश
आत्मसमर्पण समारोह में समाज के बुजुर्ग, मांझी चालकी और स्थानीय ग्रामीणों ने भी भाग लिया। उन्होंने नक्सलियों का स्वागत करते हुए उन्हें नई शुरुआत की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि ‘‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि यह बदलाव की दिशा में चल रही जनभागीदारी की पहल है, जिससे अब तक सैकड़ों परिवारों को नया जीवन मिला है।
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बस्तर पुलिस की पहल से खुल रहे नए रास्ते
बस्तर पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि यह आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि अब लोग माओवादी विचारधारा से ऊब चुके हैं और शांति व विकास चाहते हैं। उन्होंने कहा, “अब समय है कि हम सब मिलकर बस्तर को हिंसा से मुक्त कर एक नए विकास मॉडल की ओर ले जाएं।” Poona Margham
इस आत्मसमर्पण के साथ केशकाल डिवीजन के कुऐमारी और किसकोड़ो एरिया कमेटी का लगभग सफाया माना जा रहा है। यह न केवल सुरक्षा बलों की रणनीतिक सफलता है, बल्कि समाज और शासन के सहयोग से उभर रही नई उम्मीद का प्रतीक भी है।
कांकेर जिले में हुए इस आत्मसमर्पण ने एक बार फिर यह साबित किया कि संवाद, विश्वास और पुनर्वास की नीति से नक्सलवाद का अंत संभव है। ‘‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ के तहत लौटे ये 21 नक्सली अब शांति और विकास की राह पर समाज के साथ कदम बढ़ा रहे हैं — और यही बस्तर के नए युग की शुरुआत है। Poona Margham