भोपाल, Pedal to Plant मध्य प्रदेश की धरती पर आज एक हरित संदेश गूंजा — “पेडल टू प्लांट” टीम जब भारत के दिल भोपाल पहुँची तो पूरे शहर ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मिशन टीम से मुलाकात की और उन्हें अपनी शुभकामनाएँ दीं।
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मुख्यमंत्री ने इस पहल को “नए भारत का हरा भविष्य” बताते हुए कहा कि ऐसी प्रेरणादायक पहलें हमारे युवाओं को प्रकृति से जोड़ती हैं, फिटनेस का संदेश देती हैं और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम हैं। Pedal to Plant
उन्होंने कहा कि “पेडल टू प्लांट – चेंज बिफोर क्लाइमेट चेंज” का संदेश हर नागरिक तक पहुँचना चाहिए, क्योंकि यह न सिर्फ पर्यावरण को बचाने की दिशा में प्रयास है, बल्कि एक सामाजिक चेतना का भी प्रतीक है। Pedal to Plant
अरुणाचल से गुजरात तक, साइकिल पर हरियाली का संदेश
‘पेडल टू प्लांट’ मिशन की शुरुआत अरुणाचल प्रदेश से हुई थी, और यह यात्रा पूरे भारत में हरियाली का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। टीम का लक्ष्य 7 राज्यों और 100 से अधिक शहरों में साइकिल यात्रा करते हुए 1 लाख से अधिक पौधे लगाने का है। Pedal to Plant
इस मिशन का संचालन एवरेस्टर निशा स्किल फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है, जो फिट इंडिया मूवमेंट के सहयोग से चलाया जा रहा है। इस अभियान का मकसद लोगों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करना और फिटनेस को जीवन का अहम हिस्सा बनाना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह टीम वास्तव में “युवा शक्ति, संकल्प और हरित भविष्य” का सशक्त प्रतीक है।
भोपाल की बेटी अंजना यादव बनीं मिशन की प्रेरणा
इस अवसर पर भोपाल की बेटी अंजना यादव भी इस मिशन से जुड़ीं, जिन्होंने अपनी मेहनत और हौसले से मध्य प्रदेश का नाम देश और विदेश में रोशन किया है। रायसेन जिले के छोटे से गाँव सेमारी से आने वाली अंजना यादव पेशे से अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोही हैं और बीते पाँच वर्षों से एडवेंचर एक्टिविटीज़ से जुड़ी हुई हैं। Pedal to Plant
उनकी उपलब्धियाँ किसी प्रेरणा से कम नहीं —
- 15 अगस्त 2023 को यूरोप की सबसे ऊँची चोटी माउंट एल्बोरस पर तिरंगा लहराया।
- 15 अगस्त 2024 को ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट कोसियस्ज़को पर चढ़ाई पूरी की।
- मलेशिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट किनाबालु पर विजय प्राप्त की।
- 2018 से 2019 के बीच कुल 20 पर्वतों की चढ़ाई पूरी की। Pedal to Plant
अंजना यादव को “खेल उपलब्धि पुरस्कार”, “शारीरिक शिक्षा में स्वर्ण पदक” और “आरजीपीवी विश्वविद्यालय कबड्डी का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी पुरस्कार” जैसे कई सम्मान मिल चुके हैं। Pedal to Plant
वे 21 किलोमीटर की एसबीआई मैराथन में भी भाग ले चुकी हैं और राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी, खो-खो और हॉकी खेलों में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। Pedal to Plant
अब उनका अगला लक्ष्य है — 2026 में विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करना।
मिशन समर्पित सरदार पटेल को
“पेडल टू प्लांट” मिशन को भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित किया गया है।
मिशन के पीछे एक ही सोच है — “नया भारत, हरा भारत”। Pedal to Plant
इस पहल के ज़रिए टीम न सिर्फ पौधे लगा रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि जल और हरियाली का संरक्षण देश के भविष्य के लिए कितना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नवंबर से मध्य प्रदेश का अभ्युदय अभियान कृषि, उद्योग और जल संवर्धन के क्षेत्र में नई दिशा देगा। Pedal to Plant
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युवा शक्ति का प्रतीक बना ‘पेडल टू प्लांट’
मिशन की अगुवाई कर रही हैं एवरेस्टर निशा और उनके साथ हैं मात्र 8 वर्षीय साइकिलिस्ट निस्सा बारोट, जो देशभर के युवाओं को यह संदेश दे रही हैं कि बदलाव की शुरुआत किसी भी उम्र में की जा सकती है। Pedal to Plant
मुख्यमंत्री ने कहा — “आज के युवाओं को इस तरह के अभियानों से जुड़ना चाहिए। यह न सिर्फ फिटनेस और पर्यावरण का प्रतीक है, बल्कि राष्ट्रीय एकता का भी दर्पण है।” Pedal to Plant
‘पेडल टू प्लांट’ का यह अभियान भारत के हर कोने में लोगों को प्रेरित कर रहा है। हर पैडल के साथ एक पौधा लगाने का संकल्प, हर पौधे के साथ एक नई उम्मीद — यही इसका असली उद्देश्य है। Pedal to Plant
“पेडल टू प्लांट” सिर्फ एक साइकिल यात्रा नहीं, बल्कि एक हरित क्रांति की दिशा में बढ़ता कदम है। यह हमें याद दिलाता है कि अगर हर व्यक्ति एक पौधा लगाने का संकल्प ले, तो हमारा देश हरियाली से भर सकता है। Pedal to Plant
भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश इस मिशन को नई ऊर्जा और प्रेरणा दे गया है —
“चेंज बिफोर क्लाइमेट चेंज!”