रविशंकर सोनी, पन्ना/पवई, Panna Forest action पर्यावरण संरक्षण और वनभूमि की सुरक्षा के मामले में पन्ना जिले का वन विभाग एक बार फिर मिसाल बन गया है। रविवार को दक्षिण पन्ना वनमंडल के पवई वनपरिक्षेत्र की पड़रहा बीट में कुछ लोगों ने वनभूमि पर कब्जा जमाने की कोशिश की, लेकिन विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से उनका यह प्रयास नाकाम कर दिया गया।
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2 हेक्टेयर वनभूमि पर अतिक्रमण
जानकारी के मुताबिक, कुछ स्थानीय लोगों ने लगभग 2 हेक्टेयर वनभूमि पर अतिक्रमण का प्रयास किया था। ग्रामीणों से मिली सूचना पर वन परिक्षेत्र अधिकारी नितेश पटेल ने तत्काल अपनी टीम को मौके पर रवाना किया। टीम ने पहुंचते ही कब्जे की गतिविधि को रोका और आवश्यक कार्रवाई की। Panna Forest action
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से जहां वनभूमि को नुकसान से बचाया गया, वहीं विभाग ने भविष्य में ऐसे प्रयासों को रोकने के लिए ठोस कदम भी उठाए। मौके पर अतिक्रमण रोधी खंती खुदाई गई ताकि दोबारा कोई व्यक्ति उस भूमि पर कब्जा न कर सके। इसके अलावा वनभूमि की प्राकृतिक स्थिति बहाल करने के उद्देश्य से टीम ने क्षेत्र में बबूल के बीजों का छिड़काव किया। इस कदम से न सिर्फ भूमि की उर्वरता बढ़ेगी बल्कि क्षेत्र में हरियाली भी लौटेगी। Panna Forest action
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समय पर कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग की टीम ने बिल्कुल सही समय पर कार्रवाई की, नहीं तो कुछ लोगों के कब्जे से यह पूरा क्षेत्र नष्ट हो सकता था। ग्रामीणों ने विभाग की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कदमों से जंगलों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन दोनों को मजबूती मिलती है। Panna Forest action
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य जंगलों को बचाना और प्राकृतिक संपदा की रक्षा करना है। इस दिशा में नियमित निगरानी और जनसहभागिता जरूरी है। वनपरिक्षेत्र अधिकारी नितेश पटेल ने बताया कि टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को रोका जा सके।
इस कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक भारती कुमार, वनरक्षक दयाराम वर्मा, सीमा साहू, सचेंद्र मोहन, महेंद्र पटेल और प्रकाश सिंह की सक्रिय भूमिका रही। सभी ने मिलकर टीम भावना के साथ अतिक्रमण को रोकने में अहम योगदान दिया।
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी स्थान पर वनभूमि पर कब्जा या अवैध कटाई जैसी गतिविधि दिखे, तो तुरंत विभाग को सूचना दें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। Panna Forest action
दक्षिण पन्ना वनमंडल की यह कार्रवाई
दक्षिण पन्ना वनमंडल की यह कार्रवाई न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय कदम है, बल्कि यह पूरे जिले के लिए एक संदेश भी है कि सरकारी वनभूमि पर अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। Panna Forest action
वन अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की कोशिशें न सिर्फ पेड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि वन्यजीवों के आवास और प्राकृतिक पारिस्थितिकी को भी खतरे में डालती हैं। ऐसे में विभाग लगातार जनजागरूकता अभियान भी चला रहा है ताकि लोग जंगलों को अपनी धरोहर समझें और उनकी सुरक्षा में सहयोग करें। Panna Forest action
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पन्ना वन क्षेत्र पहले से ही अपनी जैव विविधता, दुर्लभ वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यहां के जंगल न केवल स्थानीय जलवायु को संतुलित रखते हैं बल्कि ग्रामीणों की आजीविका का भी एक बड़ा स्रोत हैं। इसलिए विभाग इन जंगलों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार सक्रिय है। Panna Forest action
स्थानीय प्रशासन ने भी वन विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की त्वरित कार्रवाई से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संदेश जाता है। आने वाले समय में विभाग इस क्षेत्र में पौधरोपण अभियान भी चलाने की योजना बना रहा है ताकि बचाई गई भूमि पर हरियाली फिर से लौट आए। Panna Forest action
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर प्रशासन और आम जनता मिलकर काम करें, तो न केवल अतिक्रमण को रोका जा सकता है बल्कि पर्यावरण को और सशक्त बनाया जा सकता है। Panna Forest action