कोंडागांव। Budhadev Mahotsav छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और जनजातीय आस्था का प्रतीक बूढ़ादेव महोत्सव इस वर्ष 17 नवंबर 2025 को धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर मूल छत्तीसगढ़िया सर्व गांडा समाज के प्रदेश और जिला पदाधिकारियों ने मिलकर तैयारी बैठक की, जिसमें समाज के सभी प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।
Table of Contents
बैठक के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने प्रदेश की भाजपा नेता और विधायक सुश्री लता उसेंडी के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भेंट की और उनसे आग्रह किया कि वे बूढ़ादेव महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हों। समाज का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है, जिसमें मुख्यमंत्री की उपस्थिति पूरे समाज के लिए गर्व की बात होगी। Budhadev Mahotsav
कार्यक्रम स्थगित होकर अब 17 नवंबर को होगा आयोजन
जानकारी के मुताबिक, यह महोत्सव पहले 16 अक्टूबर को आयोजित होना था। लेकिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार में शामिल होने के कारण कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा। इसके बाद समाज ने पुनः तारीख तय करते हुए मुख्यमंत्री से समय मांगा और अब यह आयोजन 17 नवंबर 2025 को सम्पन्न किया जाएगा। Budhadev Mahotsav
इस महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। समाज को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आयोजन में शामिल होकर समाज के लोगों का उत्साह बढ़ाएंगे। Budhadev Mahotsav
बूढ़ादेव महोत्सव: प्रकृति और परंपरा की आराधना
छत्तीसगढ़िया सर्व गांडा समाज प्रकृति पूजक समुदाय है। समाज के लोग बूढ़ादेव को प्रकृति के देवता मानकर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। बूढ़ादेव महोत्सव समाज के लिए केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, रीति-रिवाज और परंपराओं के संरक्षण का भी माध्यम है। Budhadev Mahotsav
समाज के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि यह आयोजन संपूर्ण सृष्टि की सुख-शांति, अमन-चैन और समृद्धि के लिए किया जाता है। इस बार भी आयोजन को लेकर समाज के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। Budhadev Mahotsav
समाज के प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में समाज के कई वरिष्ठ और युवा पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसमें प्रमुख रूप से –
- प्रदीप कुलदीप, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़िया सर्व गांडा समाज
- सुशील दर्रा, अध्यक्ष, अंदकुरी गांडा समाज समन्वय समिति
- ओम प्रकाश मांडवी, वीरेंद्र बघेल (जिलाध्यक्ष युवा एवं प्रदेश अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ)
- डॉ. किरण बघेल, कार्यकारी अध्यक्ष
- रोशन बघेल, मोहनसिंह गंधर्व, डीएस नाग, संतोष चौहान, विक्रम सरित, दिलीप कोर्राम, डीलेंद्र पोयाम, आशमति पोयाम, पिंकी कोर्राम, और रितु बघेल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस बार के बूढ़ादेव महोत्सव को और भी खास बना देगी। समाज के लोग इस कार्यक्रम को लेकर अब से ही तैयारियों में जुट गए हैं — स्थल साज-सज्जा से लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक की योजना बन रही है।
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
समाज में बढ़ा उत्साह और गर्व
बूढ़ादेव महोत्सव को लेकर समाज के हर वर्ग में उत्साह का माहौल है। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी का कहना है कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम है। Budhadev Mahotsav
कोंडागांव समेत आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में समाजजन इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचेंगे। स्थानीय स्तर पर समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम स्थल पर धार्मिक अनुष्ठान, पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। Budhadev Mahotsav
बूढ़ादेव महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़िया अस्मिता, एकता और संस्कृति का प्रतीक है। समाज की ओर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को आमंत्रण भेजा गया है और उम्मीद है कि उनकी उपस्थिति इस आयोजन को ऐतिहासिक बना देगी। Budhadev Mahotsav