मथुरा। Mathura Brahma statue ब्रजभूमि की पवित्र धरती गोवर्धन रविवार को अध्यात्म, भक्ति और भव्यता से गूंज उठी। जुल्हैंदी स्थित श्री चित्रगुप्त पीठ के चौथे वार्षिकोत्सव के अवसर पर यहां 51 फीट ऊंची भगवान ब्रह्मा जी की विशाल मूर्ति का भव्य अनावरण किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का नेतृत्व स्वामी सच्चिदानंद चित्रगुप्त जी महाराज ने किया। पूरे परिसर में मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठा।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना और उत्तराखंड के जल मंत्री दिनेश आर्य पहुंचे। इनके साथ अनेक महामंडलेश्वर, साधु-संत, राजनेता और श्रद्धालु शामिल हुए। इस मौके पर स्वास्तिक प्रॉपर्टी एंड ग्रुप के चेयरमैन मयंक सक्सेना ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। Mathura Brahma statue
ब्रजभूमि को मिलेगा नया स्वरूप – बंदरों के आतंक पर जल्द होगी ठोस कार्यवाही
कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने कहा कि ब्रज क्षेत्र में बंदरों के आतंक से लोग लंबे समय से परेशान हैं। सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए ठोस व्यवस्था बना रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही ब्रज क्षेत्र के लिए वन्यजीव प्रबंधन योजना (Wildlife Management Plan) लागू की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि “ब्रज की पहचान आस्था के साथ हरियाली से भी होनी चाहिए। जिस तरह उत्तराखंड हरा-भरा प्रदेश है, उसी तरह उत्तर प्रदेश को भी हरियाली के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा।” उन्होंने घोषणा की कि वृंदावन में दो नए पार्क बनाए जाएंगे, जहां पर्यावरण संरक्षण के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। Mathura Brahma statue
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ब्रह्मा जी की मूर्ति बनेगी ब्रज की नई पहचान
इस मौके पर स्वामी सच्चिदानंद चित्रगुप्त जी महाराज ने कहा कि भगवान ब्रह्मा जी की यह 51 फीट ऊंची मूर्ति न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सनातन परंपरा का संदेश भी देगी। उन्होंने कहा कि “यह मूर्ति ब्रजभूमि की धार्मिक पहचान को और सशक्त करेगी और पूरे भारत में गोवर्धन की आस्था को नई ऊंचाई देगी।” Mathura Brahma statue
मूर्ति का निर्माण उच्च गुणवत्ता वाले धातु मिश्रण से किया गया है, जिसकी कलात्मक नक्काशी और ऊंचाई इसे विशेष बनाती है। अनावरण के बाद श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से मूर्ति का अभिषेक किया और आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
भक्ति, संगीत और उत्सव से गूंजा चित्रगुप्त पीठ
पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति संगीत और कीर्तन का अद्भुत माहौल रहा। भक्तों ने ‘जय ब्रह्मदेव’ और ‘ब्रज भूमि की जय’ के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। संतों द्वारा धार्मिक प्रवचन और आरती का आयोजन किया गया।
श्रद्धालुओं ने बताया कि इस तरह के आयोजन ब्रज की आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक पर्यटन दोनों को बढ़ावा देते हैं। लोगों ने कहा कि भगवान ब्रह्मा जी की इतनी ऊंची मूर्ति का यहां स्थापित होना ब्रज के लिए गर्व की बात है। Mathura Brahma statue
पर्यावरण और आस्था का संतुलन
मंत्री अरुण सक्सेना ने कहा कि सरकार का उद्देश्य धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना है। उन्होंने कहा, “ब्रज क्षेत्र को हम ऐसा स्वरूप देना चाहते हैं, जो न केवल आस्था का केंद्र हो बल्कि प्रकृति और हरियाली का भी उदाहरण बने।”
समारोह के अंत में सभी अतिथियों और साधु-संतों ने मिलकर ‘हरित ब्रज, स्वच्छ ब्रज’ का संकल्प लिया।
गोवर्धन में भगवान ब्रह्मा जी की 51 फीट ऊंची मूर्ति का अनावरण न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि यह आस्था, संस्कृति और पर्यावरण जागरूकता का संगम भी रहा। इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि ब्रजभूमि केवल भक्ति की भूमि ही नहीं, बल्कि हरियाली और संतुलन की भी पहचान बन रही है। Mathura Brahma statue