सूरजपुर। Baijnathpur Reservoir छत्तीसगढ़ सरकार अब प्रदेश के पुराने सिंचाई संसाधनों को नया जीवन देने में जुटी हुई है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के ग्राम बैजनाथपुर (ब) में स्थित बैजनाथपुर जलाशय योजना के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के करकमलों से हुआ। गुरुवार को आयोजित भूमिपूजन समारोह में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की खुशहाली और खेती की स्थायी व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठा रही है।
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उन्होंने कहा कि बैजनाथपुर जलाशय का जीर्णोद्धार पूरा होने के बाद आसपास के हजारों किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा। इससे न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। Baijnathpur Reservoir
222.79 लाख की लागत से होगा विकास कार्य
प्रदेश सरकार ने इस जलाशय के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत के लिए 222.79 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। अधिकारियों के अनुसार, कार्य पूर्ण होने के बाद जलाशय की जलसंचयन क्षमता में वृद्धि होगी और सिंचाई व्यवस्था पहले से अधिक सुदृढ़ बनेगी। यह परियोजना क्षेत्र के लगभग 2600 से अधिक ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। Baijnathpur Reservoir
48 साल पुराना जलाशय बनेगा फिर से उपयोगी
जानकारी के अनुसार, बैजनाथपुर जलाशय का निर्माण वर्ष 1977 में हुआ था। करीब 48 साल पुराने इस जलाशय ने लंबे समय तक इलाके के किसानों को खरीफ फसलों के लिए सिंचाई सुविधा प्रदान की है। लेकिन समय के साथ बांध की संरचना कमजोर होने लगी थी। अब सरकार द्वारा इसके मरम्मत कार्य से यह जलाशय फिर से अपनी मूल स्थिति में लौटेगा। Baijnathpur Reservoir
जलाशय की कुल लंबाई 855 मीटर है और इसकी जल भराव क्षमता 19.76 मिलियन क्यूबिक फीट है। यहां से निकलने वाली करीब 2250 मीटर लंबी नहर के माध्यम से लगभग 182 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। इसका सीधा लाभ बैजनाथपुर सहित आसपास के गांवों के किसानों को मिलेगा। Baijnathpur Reservoir
किसानों की खुशहाली के लिए सरकार की प्राथमिकता
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की भलाई के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। सिंचाई संसाधनों के विकास से लेकर समर्थन मूल्य में वृद्धि तक, हर कदम पर किसान हित सर्वोपरि रखा गया है। उन्होंने कहा कि जलाशयों के जीर्णोद्धार से खेती में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे फसल उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी। Baijnathpur Reservoir
मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में कई पुराने जलाशयों और तालाबों का सर्वे किया जा रहा है, ताकि उनकी मरम्मत और मजबूती के कार्य जल्द पूरे किए जा सकें। इससे गांव-गांव में सिंचाई की स्थायी व्यवस्था बन सकेगी। Baijnathpur Reservoir
ग्रामीणों में खुशी की लहर
भूमिपूजन समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और किसान मौजूद थे। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने मंत्री राजवाड़े का आभार जताते हुए कहा कि वर्षों से इस जलाशय की मरम्मत की मांग की जा रही थी। अब सरकार द्वारा मंजूर किए गए बजट से यह सपना साकार होगा। किसानों ने बताया कि पिछले कुछ सालों से जलाशय की दीवार कमजोर हो गई थी और पानी का रिसाव बढ़ गया था। जीर्णोद्धार के बाद अब खेतों में पर्याप्त पानी मिलेगा और फसल उत्पादन में सुधार होगा। Baijnathpur Reservoir
विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के अधिकारी, कृषि विभाग के कर्मचारी, पंचायत पदाधिकारी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। विभागीय इंजीनियरों ने मंत्री को जलाशय की तकनीकी जानकारी दी और बताया कि मरम्मत कार्य के दौरान पर्यावरणीय संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा। Baijnathpur Reservoir
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समारोह के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे जल संसाधनों की देखरेख और संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सफल होंगी, जब जनता भी उनकी जिम्मेदारी को समझे और सहभागिता निभाए।
इस भूमिपूजन के साथ ही क्षेत्र के किसानों में उम्मीद की नई किरण जगी है। ग्रामीणों का मानना है कि यह जलाशय न केवल उनकी खेती को सिंचित करेगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य संपत्ति साबित होगा।