फरसगांव। (dog bite cases) केशकाल ब्लॉक के बहीगांव क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब आवारा कुत्तों ने तीन अलग-अलग गांवों में चार लोगों पर हमला कर दिया। इन हमलों में दो महिलाएं और दो पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत फरसगांव अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया।
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ग्रामीणों के मुताबिक, सुबह से ही बहीगांव इलाके में आवारा कुत्तों का झुंड घूमता नजर आ रहा था। किसी को भनक नहीं थी कि ये कुत्ते अचानक लोगों पर टूट पड़ेंगे। पहली घटना मस्सुकोकोडा गांव की बताई जा रही है, जहां तातूराम नामक व्यक्ति को कुत्ते ने पैर में काट लिया। इसके बाद कुछ ही समय में ग्राम रावबेड़ा की बुजुर्ग महिला आलमति पति घसिया पर हमला कर दिया गया। उन्हें भी पैर में गहरा घाव आया। (dog bite cases)
इसके बाद तीसरी घटना बहीगांव में हुई, जहां श्यामलाल पवार नामक ग्रामीण को कुत्ते ने कमर के पास काट लिया। वहीं चौथी पीड़िता आंगनबाड़ी सहायिका जमुना नाग हैं, जिन्हें कुत्ते ने कमरे के पीछे के हिस्से पर काट लिया। चारों घायलों को ग्रामीणों की मदद से फरसगांव अस्पताल पहुंचाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने उनका प्राथमिक उपचार किया और शाम करीब सात बजे सभी को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया। (dog bite cases)
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
लगातार चार घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। लोगों ने बताया कि बच्चे अब घरों से बाहर खेलने तक नहीं जा रहे। कई परिवारों ने तो शाम होते ही घर के दरवाजे बंद रखना शुरू कर दिया है। महिलाएं भी खेत या बाजार जाने से डर रही हैं, क्योंकि आवारा कुत्ते लगातार सड़कों और गलियों में घूमते नजर आ रहे हैं। (dog bite cases)
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एक स्थानीय ग्रामीण ने बताया, “सुबह खेत की ओर जा रहे थे तभी एक कुत्ता अचानक पीछे से आकर काटने दौड़ा, किसी तरह बच पाया। अब तो डर लगने लगा है कहीं बच्चे या बुजुर्गों को कुछ न हो जाए।” (dog bite cases)
नगर पंचायत और पशु विभाग की लापरवाही पर सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार नगर पंचायत और पशु चिकित्सा विभाग को क्षेत्र में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आवारा कुत्तों को पकड़ने या टीकाकरण कराने की कोई पहल नहीं की गई, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। (dog bite cases)
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है।
पशु चिकित्सा विभाग ने दिए जांच के आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने बहीगांव और आसपास के क्षेत्रों में कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि घायल लोगों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया गया है और सभी की स्थिति फिलहाल स्थिर है। (dog bite cases)
टीम जल्द ही इलाके में घूमकर आवारा कुत्तों की संख्या का सर्वे करेगी और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजेगी। (dog bite cases)
ग्रामीणों की मांग – जल्द कार्रवाई हो
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आवारा कुत्तों के आतंक से लोग घर से निकलने में डर रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो वे सामूहिक रूप से पंचायत के माध्यम से आंदोलन करेंगे।
बहीगांव क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमले ने लोगों की नींद उड़ा दी है। प्रशासन और पशु विभाग की लापरवाही साफ झलक रही है। ग्रामीण अब उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन जल्द से जल्द इन कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई करेगा ताकि लोगों का डर खत्म हो सके और बच्चे फिर से सुरक्षित महसूस कर सकें। (dog bite cases)