बस्तर। Bee attack death कारपावंड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत डिमरापाल में बुधवार सुबह एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। मक्खियों के झुंड के हमले से बचने की कोशिश में पिता-पुत्र की जान चली गई। इस घटना से पूरा गांव शोक में डूब गया है और हर कोई इस अनहोनी को लेकर स्तब्ध है।
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घास काटने गए थे पांच ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह ग्राम पंचायत डिमरापाल के पांच ग्रामीण रोज़ की तरह खेतों के पास घास काटने के लिए छिंदगांव (पोलेबेड़ा) की ओर गए थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अचानक पास के पेड़ पर एक चिड़िया ने मंडू मक्खियों (जंगली मधुमक्खियों) के बड़े छत्ते को छेड़ दिया। Bee attack death
बस, यहीं से शुरू हुआ वह सिलसिला जो किसी ने सोचा भी नहीं था। देखते ही देखते गुस्साई मक्खियों का बड़ा झुंड वहां मौजूद सभी लोगों पर टूट पड़ा। मक्खियों ने इतनी संख्या में हमला किया कि सभी ग्रामीण घबराकर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। Bee attack death
कुएं में कूदे पिता-पुत्र
इसी अफरा-तफरी के बीच भुवनेश्वर पटेल और उनके बड़े बेटे विनोद पटेल ने मक्खियों के झुंड से बचने के लिए पास के एक कुएं में छलांग लगा दी। लेकिन हादसा यहीं हो गया। कुएं में पानी बहुत अधिक था और उसकी गहराई भी ज्यादा थी, जिसके चलते दोनों बाहर नहीं निकल पाए। Bee attack death
आसपास के ग्रामीणों ने जब उनकी चीखें सुनीं तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। कुछ लोगों ने रस्सियों और डंडों की मदद से उन्हें निकालने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
गांव में पसरा मातम
काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दोनों के शवों को दोपहर लगभग 1 बजे कुएं से बाहर निकाला। उस पल का मंजर बेहद भावुक था — गांव के लोग, परिजन और पड़ोसी सभी की आंखें नम थीं। हर कोई यही कह रहा था कि मक्खियों के झुंड से बचने की कोशिश में इस तरह की मौत की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही कारपावंड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्यवाही शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं गांव में शोक का माहौल गहराता जा रहा है। Bee attack death
मक्खियों के झुंड से बचना हुआ मुश्किल
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मंडू मक्खियां (जंगली मधुमक्खियां) इस इलाके में काफी संख्या में पाई जाती हैं। उनका छत्ता अगर किसी तरह से छेड़ दिया जाए तो वे बहुत आक्रामक हो जाती हैं। आमतौर पर जंगल के किनारे रहने वाले लोग ऐसे छत्तों से दूरी बनाकर रखते हैं, लेकिन इस बार अनजाने में हुआ यह हादसा जानलेवा साबित हुआ।
गांव में फैली दहशत और चेतावनी
घटना के बाद डिमरापाल और आसपास के गांवों के लोग अब सतर्क हो गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि ऐसे इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जाए और मक्खियों के बड़े छत्तों को हटाने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो। Bee attack death
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
भुवनेश्वर पटेल और उनके पुत्र विनोद की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग परिवार के साथ खड़े हैं और हर संभव मदद देने की बात कह रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। Bee attack death
प्रशासन ने जताया शोक
स्थानीय प्रशासन ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले चुके हैं और परिजनों को ढांढस बंधाया है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे की चर्चा है।
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि प्रकृति के साथ थोड़ी सी अनजाने में हुई छेड़छाड़ भी कभी-कभी कितना बड़ा हादसा बन सकती है। Bee attack death
डिमरापाल में हुई यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि हमें प्राकृतिक वातावरण और उसके जीवों के प्रति सजग रहना चाहिए। गांव के लोगों में जहां गम और आक्रोश है, वहीं अब प्रशासन पर यह जिम्मेदारी भी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। Bee attack death