सय्यद आफ़ताब अली शाजापुर। Karwa Chauth Shajapur शुक्रवार को पूरे शहर में करवा चौथ का पर्व बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही बाजारों में रौनक नजर आई और शाम तक हर गली-मोहल्ला सजे हुए नजर आए। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए पारंपरिक तरीके से निर्जला व्रत रखा।
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सुबह सूर्योदय से पहले महिलाओं ने सरगी ग्रहण की और इसके बाद पूरे दिन जल तक का सेवन नहीं किया। दिनभर वे पूजा की तैयारी में जुटी रहीं। किसी ने घर पर सजावट की तो किसी ने पूजा थाली और करवा को सजाने में समय बिताया। हर ओर उत्सव जैसा माहौल था। Karwa Chauth Shajapur
सोलह श्रृंगार में सजी महिलाएं बनीं श्रद्धा की मिसाल
शाम होते ही महिलाएं सोलह श्रृंगार में सजकर करवा चौथ की पूजा के लिए तैयार हो गईं। लाल, गुलाबी और सुनहरे रंग के पारंपरिक परिधान, चमचमाती चूड़ियां, माथे पर बिंदी और मांग में सजा सिंदूर—सब मिलकर इस पर्व की पवित्रता को और भी खास बना रहे थे।
महिलाओं ने करवा माता की पूजा कर अपने पति की दीर्घायु और परिवार की समृद्धि की प्रार्थना की। कई स्थानों पर सामूहिक पूजा का भी आयोजन हुआ, जहां महिलाएं एक साथ बैठकर कथा सुनती नजर आईं। Karwa Chauth Shajapur
चांद की पहली झलक के साथ गूंजीं खुशियों की आवाजें
रात होते ही सभी की निगाहें आसमान की ओर टिकी थीं। जैसे ही चांद ने अपनी पहली झलक दिखाई, महिलाओं के चेहरे खिल उठे। छलनी की ओट से पति के दर्शन करने और उन्हें देख कर जल ग्रहण करने की रस्म के साथ व्रत खोला गया।
इसके बाद पतियों ने अपनी पत्नियों की मांग में सिंदूर भरा और उपहार देकर अपने प्रेम का इज़हार किया। कई परिवारों में तो इस मौके पर छोटे-छोटे आयोजन भी हुए, जहां गीत-संगीत और हंसी-खुशी का माहौल देखने को मिला। Karwa Chauth Shajapur
भक्ति, प्रेम और समर्पण का प्रतीक बना पर्व
करवा चौथ का यह पर्व केवल व्रत नहीं, बल्कि प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। शाजापुर में भी इस मौके पर हर घर में पारिवारिक एकता और प्रेम का सुंदर दृश्य देखने को मिला। महिलाओं ने कहा कि यह व्रत सिर्फ पति की लंबी उम्र के लिए नहीं, बल्कि घर-परिवार में सुख-शांति बनाए रखने का संकल्प भी है। Karwa Chauth Shajapur
कई बुजुर्ग महिलाओं ने अपनी बहुओं और बेटियों को इस व्रत की परंपरा और महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि यह व्रत पति-पत्नी के बीच विश्वास और प्रेम को गहराता है। Karwa Chauth Shajapur
पूरे शहर में रहा उल्लास और धार्मिक आस्था का माहौल
शाजापुर के मंदिरों, गलियों और घरों में करवा चौथ का उल्लास देर रात तक दिखाई दिया। बाजारों में पूजा सामग्री की खूब खरीददारी हुई। मेहंदी कलाकारों ने महिलाओं के हाथों में खूबसूरत डिजाइन बनाए। वहीं, ज्वेलरी और साड़ी की दुकानों में भी खास भीड़ रही।
हर ओर सजे-धजे घर, दीपों की रोशनी और पूजा की थालियों की चमक इस बात की गवाही दे रही थी कि करवा चौथ अब सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि प्रेम और परिवार के बंधन का बड़ा त्योहार बन चुका है। Karwa Chauth Shajapur
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करवा चौथ की परंपरा निभाते हुए महिलाओं ने जताई खुशी
करवा चौथ के मौके पर महिलाओं ने बताया कि यह दिन उनके लिए बेहद खास होता है। “जब चांद निकलता है और पति छलनी से हमें देखते हैं, वह पल हमारे लिए सबसे कीमती होता है,” एक महिला ने मुस्कुराते हुए कहा।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में भी यह परंपरा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, क्योंकि यह व्रत रिश्तों में मजबूती और प्रेम का प्रतीक है। Karwa Chauth Shajapur
शाजापुर में करवा चौथ का यह पर्व न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि उसने यह भी दिखाया कि भारतीय परंपराएं आज भी समाज में गहराई से जड़ें जमाए हुए हैं। प्रेम, विश्वास और त्याग की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनती रहेगी — यही इस पर्व का असली संदेश है। Karwa Chauth Shajapur