रविशंकर सोनी पन्ना/पवई। Pawai Karwa Chauth शुक्रवार को करवा चौथ का पावन पर्व पूरे हर्ष और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशियों के लिए निर्जला व्रत रखकर भगवान से प्रार्थना करती रहीं। दिनभर बिना अन्न-जल के रहकर महिलाओं ने अपने सुहाग की रक्षा की कामना की।
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शाम होते ही शहर और ग्रामीण इलाकों में महिलाएं पारंपरिक परिधान और सोलह श्रृंगार में सजी-धजी नजर आईं। जैसे ही आसमान में चांद की पहली झलक दिखाई दी, हर घर की छत पर पूजा की थाली, करवा और छलनी लेकर महिलाएं तैयार हो गईं।
पूजन के बाद छलनी से पति का दीदार, जल ग्रहण कर खोला व्रत
चंद्रमा के दर्शन के बाद महिलाओं ने पूजा की थाली सजाकर विधि-विधान से करवा चौथ की पूजा की। चांद को अर्घ्य अर्पित कर छलनी की ओट में पति का चेहरा देखकर उनकी लंबी उम्र की दुआ मांगी। इसके बाद पतियों ने प्रेमपूर्वक अपनी पत्नियों को जल या जूस पिलाकर व्रत खुलवाया। Pawai Karwa Chauth
इस मौके पर पतियों ने अपनी पत्नियों को उपहार स्वरूप साड़ी, आभूषण, मिठाई और अन्य गिफ्ट देकर प्यार का इज़हार किया। परिवारों में इस शुभ अवसर पर उल्लास और सौहार्द का वातावरण देखने को मिला। Pawai Karwa Chauth
महिलाओं ने सोलह श्रृंगार से सजाई पूजा थाली
करवा चौथ का महत्व सिर्फ व्रत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। पवई, मानस कॉलोनी, नन्ही पवई, मोहन्द्रा रोड, शिवधाम और गायत्री नगर जैसे इलाकों में सामूहिक रूप से महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। सोलह श्रृंगार में सजी महिलाएं हाथों में मेहंदी, मांग में सिंदूर, और माथे पर बिंदी के साथ सजीव देवी स्वरूप प्रतीत हो रही थीं।
पूजा की थालियों में करवा, दीपक, चावल, फूल, मिठाई और गणेश-गौरी की मूर्तियों को सजाया गया था। इस दौरान महिलाओं ने करवा चौथ की कथा श्रवण कर व्रत के महत्व को समझा और परिवार की खुशहाली के लिए भगवान से प्रार्थना की।
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बाजारों में रही जबरदस्त रौनक
करवा चौथ के एक सप्ताह पहले से ही बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। मिठाई दुकानों, ब्यूटी पार्लरों और श्रृंगार की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी रही। मेंहदी लगाने वालों के हाथ भी लगातार व्यस्त रहे। पारंपरिक पोशाकों और सजावट के सामान की बिक्री से व्यापारियों के चेहरों पर भी मुस्कान दिखाई दी। Pawai Karwa Chauth
पन्ना और पवई के स्थानीय बाजारों में महिलाओं ने पूजा की सामग्री, साड़ी, गहने और सजावटी वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। शाम को बाजारों की रौनक छतों पर चली गई जब हर महिला चांद की राह निहारती दिखाई दी। Pawai Karwa Chauth
व्रत का धार्मिक महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि जो महिलाएं इस दिन श्रद्धा से व्रत रखती हैं और करवा चौथ की कथा सुनती हैं, उनके जीवन में सुख, समृद्धि और वैवाहिक सौहार्द बना रहता है। Pawai Karwa Chauth
कहते हैं कि यह व्रत न केवल विवाहित महिलाओं के लिए शुभ होता है, बल्कि अविवाहित युवतियां भी अच्छे वर की कामना के लिए इस दिन व्रत रखती हैं। Pawai Karwa Chauth
परिवार और प्रेम का प्रतीक करवा चौथ
करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास की गहराई को दर्शाता है। जहां महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए दिनभर व्रत रखती हैं, वहीं पति भी उनकी भावना का सम्मान करते हुए उन्हें उपहार देकर प्रेम जताते हैं।
पन्ना और पवई में इस बार का करवा चौथ उल्लास, सजावट और भावनाओं से भरा रहा। हर घर की छत पर सजे दीपक और खुशियों से भरी पूजा की थालियों ने पूरे वातावरण को आस्था और प्रेम से भर दिया। Pawai Karwa Chauth