प्रदीप कुमार भिलाई। Gatka Championship सेक्टर-6 स्थित गुरु नानक इंग्लिश सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को 13वीं राष्ट्रीय गतका चैंपियनशिप 2025 का शुभारंभ बड़े ही उत्साह और पारंपरिक माहौल में हुआ। इस तीन दिवसीय आयोजन में देशभर के 12 राज्यों से आए 500 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। सिख परंपरा की झलक दिखाती इस प्रतियोगिता में ढोल-नगाड़ों की थाप और जोश से भरे खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
Table of Contents
कार्यक्रम का आयोजन नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NGAI) और न्यू गतका स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग सांसद विजय बघेल मौजूद रहे। उनके साथ पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे, एनजीएआई अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल, सिख पंचायत अध्यक्ष जसबीर सिंह चहल, और समाजसेवी इंद्रजीत सिंह छोटू समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। Gatka Championship
जोश और परंपरा से भरा उद्घाटन समारोह
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक सिख वाद्ययंत्रों की गूंज और “जो बोले सो निहाल” के जयकारों के साथ हुई। खिलाड़ियों ने सिखों की पारंपरिक युद्धकला गतका का शानदार प्रदर्शन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सजे हुए मंच, रंग-बिरंगे परिधान और अनुशासन से भरे खिलाड़ियों ने यह संदेश दिया कि गतका केवल एक खेल नहीं, बल्कि साहस और संस्कृति का प्रतीक है।
मुख्य अतिथि विजय बघेल ने इस अवसर पर कहा कि गतका भारतीय सभ्यता और सिख परंपरा का जीवंत उदाहरण है। यह खेल युवाओं में साहस, अनुशासन और आत्मसंयम की भावना को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। Gatka Championship
“एकता और सद्भाव का प्रतीक” — प्रेम प्रकाश पांडे
पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस स्तर की प्रतियोगिता आयोजित होना गर्व की बात है। उन्होंने कहा, “गतका न केवल एक खेल है, बल्कि यह एकता, भाईचारे और सद्भावना का प्रतीक भी है। ऐसी प्रतियोगिताएँ समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का माध्यम हैं।” Gatka Championship
उन्होंने आयोजकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को अपने अंदर छिपी प्रतिभा को दिखाने का अवसर देते हैं और राज्य की खेल संस्कृति को मजबूत करते हैं। Gatka Championship
अंतरराष्ट्रीय मंच पर गतका की पहचान बढ़ाने की तैयारी
कार्यक्रम के दौरान एनजीएआई अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि गतका को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ले जाने और इसे ओलंपिक खेलों में शामिल करवाने के प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में गतका को पूरी दुनिया में पहचान मिले। इसके लिए संगठन और खिलाड़ी दोनों पूरी लगन से काम कर रहे हैं।” Gatka Championship
वहीं, समाजसेवी इंदरजीत सिंह छोटू ने घोषणा की कि चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार के साथ-साथ विशेष खेल सुविधाएँ भी दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना समाज का दायित्व है और छत्तीसगढ़ में गतका के विकास के लिए वे हमेशा सहयोग देंगे। Gatka Championship
भिलाई बनी सिख परंपरा की राजधानी
आयोजन को शहर के विभिन्न गुरुद्वारों, सिख पंचायतों, युवा समितियों और सांस्कृतिक संस्थाओं का भी भरपूर सहयोग मिला। पूरे शहर में चैंपियनशिप का उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। पारंपरिक सजावट, सिख परिधानों में सजे स्वयंसेवक और जोश से भरे खिलाड़ी — यह सब मिलकर भिलाई को मानो “सिख वीरता की राजधानी” बना रहे हैं। Gatka Championship
इस तीन दिवसीय आयोजन का समापन रविवार को होगा। इस दौरान विजेता खिलाड़ियों को पदक और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
गतका क्या है?
गतका सिखों की पारंपरिक युद्धकला (Martial Art) है, जिसका इतिहास गुरु हरगोबिंद साहिब और गुरु गोविंद सिंह जी के समय से जुड़ा है। इसमें तलवार, डंडा, ढाल जैसे हथियारों के जरिए आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाते हैं। यह केवल खेल नहीं बल्कि शौर्य, अनुशासन और आत्मनियंत्रण का प्रतीक माना जाता है। Gatka Championship
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
भिलाई में हो रही यह चैंपियनशिप न केवल खेल प्रेमियों के लिए रोमांचक अवसर है, बल्कि यह सिख संस्कृति और भारतीय परंपरा की गौरवशाली झलक भी प्रस्तुत कर रही है। तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन निश्चित रूप से युवाओं को प्रेरित करेगा कि वे अपनी संस्कृति से जुड़ें और खेलों के माध्यम से देश का नाम रोशन करें।