जितेंद्र साहू धमतरी, छत्तीसगढ़ | 9 अक्टूबर 2025 Dhamtari News धमतरी जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माँ अंगारमोती मंदिर में आज आस्था का अनोखा नज़ारा देखने को मिला। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज सुबह वन देवी माँ अंगारमोती के दर्शन करने धमतरी पहुंचे। जैसे ही उनके मंदिर आने की खबर फैली, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी।
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बताया जा रहा है कि धीरेंद्र शास्त्री जी का माँ अंगारमोती में गहरा विश्वास है। वे जब भी छत्तीसगढ़ की यात्रा पर आते हैं, तो गंगरेल बांध के पास स्थित माँ अंगारमोती मंदिर में दर्शन के लिए अवश्य पहुंचते हैं। आज भी उन्होंने माँ की पूजा-अर्चना कर देश, प्रदेश और समाज की खुशहाली की कामना की। Dhamtari News
माँ अंगारमोती के दर्शन कर मांगी देश की खुशहाली की दुआ
सुबह लगभग 10 बजे के आसपास शास्त्री जी धमतरी पहुंचे। मंदिर में पहुंचते ही उन्होंने परंपरागत विधि-विधान से पूजा की। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने ‘जय माँ अंगारमोती’ और ‘जय बागेश्वर धाम सरकार’ के जयकारे लगाए। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्ति में सराबोर हो गया।
धीरेंद्र शास्त्री ने माँ अंगारमोती के चरणों में पुष्प अर्पित किए और आरती के बाद देश में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती माँ अंगारमोती जैसी शक्तियों से पावन है, यहाँ के लोगों की श्रद्धा और भक्ति अद्भुत है। Dhamtari News
मंदिर में जैसे ही धीरेंद्र शास्त्री के आने की सूचना मिली, वैसे ही आसपास के गांवों और धमतरी शहर से लोग बड़ी संख्या में दर्शन करने पहुंच गए। मंदिर परिसर में भक्तों की इतनी भीड़ रही कि प्रशासन को भी व्यवस्थाएं संभालनी पड़ीं। श्रद्धालु शास्त्री जी की एक झलक पाने के लिए आतुर दिखे। Dhamtari News
कई भक्तों ने बताया कि वे सुबह से ही मंदिर में प्रतीक्षा कर रहे थे ताकि बागेश्वर धाम सरकार के दर्शन हो सकें। किसी ने मोबाइल में वीडियो बनाए तो कोई पुष्प लेकर आशीर्वाद पाने की कोशिश करता रहा। Dhamtari News
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हर बार छत्तीसगढ़ आते हैं तो करते हैं माँ अंगारमोती के दर्शन
बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री जी जब भी छत्तीसगढ़ के प्रवास पर आते हैं, वे माँ अंगारमोती के दर्शन करना नहीं भूलते। बताया जाता है कि गंगरेल स्थित यह मंदिर उनके लिए बेहद विशेष है। माँ के प्रति उनकी अटूट आस्था के चलते वे वर्षों से यहाँ नियमित रूप से आते रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शास्त्री जी के आने से मंदिर की प्रसिद्धि और भी बढ़ी है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए पहुंचते हैं। माँ अंगारमोती की मान्यता है कि वे अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं। Dhamtari News
मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल
धीरेंद्र शास्त्री के आगमन के दौरान मंदिर परिसर में सुंदर फूलों से सजावट की गई थी। पुजारियों ने शास्त्री जी का स्वागत विधि-विधान से किया। आरती के दौरान वातावरण में घंटे-घड़ियाल और शंख की ध्वनि गूंज उठी। महिलाओं ने मंगल गीत गाए और श्रद्धालुओं ने माँ के जयकारे लगाए।
शास्त्री जी ने दर्शन के बाद भक्तों को धर्म, सत्य और सेवा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माँ अंगारमोती जैसी शक्तियां समाज में सकारात्मकता और एकता की प्रेरणा देती हैं।
माँ अंगारमोती मंदिर की पौराणिक महत्ता
धमतरी का गंगरेल बांध सिर्फ पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था का भी केंद्र माना जाता है। यहाँ स्थित माँ अंगारमोती मंदिर की महत्ता बहुत प्राचीन है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, माँ अंगारमोती वन देवी के रूप में इस क्षेत्र की रक्षा करती हैं। यहाँ हर वर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। Dhamtari News
आज धीरेंद्र शास्त्री के दर्शन से यह पावन स्थल एक बार फिर श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंग गया।