भोपाल। Tribal Development मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अब प्रदेश के जनजातीय बहुल इलाकों के गांव खुद अपने विकास का रोडमैप तैयार करेंगे। राज्य सरकार ने ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय इलाकों में आयोजित “आदि सेवा पर्व” के दौरान ग्राम सभाओं ने मिलकर 4 हजार से ज्यादा विलेज एक्शन प्लान को मंजूरी दी है, जबकि बाकी गांवों में यह प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।
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मुख्यमंत्री के अनुसार, “सरकार चाहती है कि हर ग्राम सभा अपने गांव की जरूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास की दिशा तय करे। इससे न सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी, बल्कि गांवों में आत्मनिर्भरता और भागीदारी भी बढ़ेगी।”
30 जनजातीय जिलों में बनी विशेष टीम
राज्य सरकार ने इस अभियान के लिए 30 जनजातीय बहुल जिलों में विशेष अधिकारियों की टीम बनाई। ये टीमें गांव-गांव जाकर ग्राम सभाओं में शामिल हुईं और लोगों को “आदि कर्मयोगी अभियान” तथा “आदि सेवा पर्व” के महत्व के बारे में बताया।
ग्राम सभाओं ने न केवल “जनजातीय ग्राम विजन 2030” के तहत अपने गांव के लिए विशेष एक्शन प्लान को मंजूरी दी, बल्कि यह संकल्प भी लिया कि हर गांव में एक “आदि सेवा केंद्र” खोला जाएगा। यह केंद्र गांव के लोगों के लिए “एकल खिड़की सेवा केंद्र” की तरह काम करेगा। Tribal Development
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यहां ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान, योजनाओं की जानकारी और सेवाओं का वितरण एक ही स्थान से किया जाएगा। साथ ही ग्रामीण सप्ताह में एक घंटा “आदि सेवा समय” के तहत स्वैच्छिक सेवा भी देंगे। इससे गांव के लोग शासन-प्रशासन से सीधे जुड़ सकेंगे और स्थानीय संस्कृति, भाषा व परंपरा से सरकारी अधिकारियों का भी संपर्क बढ़ेगा। Tribal Development
क्या है ‘आदि कर्मयोगी अभियान’?
जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की यह एक ऐतिहासिक पहल है, जो देश के जनजातीय समुदायों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य गांव स्तर पर नेतृत्व क्षमता विकसित करना, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और शासन को जनहित में और अधिक उत्तरदायी बनाना है।
यह अभियान सेवा, संकल्प और समर्पण के सिद्धांतों पर आधारित है। पहले चरण में देशभर के 41 जिलों के 249 विकासखंडों में 14,000 से अधिक जनजातीय गांवों को जोड़ा गया है। अभियान के तहत 3 लाख से ज्यादा “आदि कर्मयोगियों” को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इनमें गांव के युवा, महिलाएं, शिक्षक, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव और स्थानीय प्रतिनिधि शामिल हैं।
बन रहे हैं 3 लाख से ज्यादा ‘चेंज लीडर्स’
अभियान के तहत कुल 3,03,233 लोगों को “चेंज लीडर्स” के रूप में तैयार किया जा रहा है। इनमें 18,150 क्लस्टर स्तर के मास्टर ट्रेनर, 41 अशासकीय संगठन, 1,250 विकासखंड स्तरीय शासकीय संगठन, 56,470 आदि सहयोगी, 2,03,292 आदि साथी और 22,528 आदि विद्यार्थी शामिल हैं। Tribal Development
इन सभी का उद्देश्य जनजातीय इलाकों में योजनाओं के क्रियान्वयन को बेहतर बनाना, जनभागीदारी को बढ़ाना और गांवों में समग्र विकास की नींव रखना है। Tribal Development
‘विलेज विजन 2030’ पर विशेष फोकस
राज्य सरकार ने “ट्राइबल विलेज विजन 2030” को केंद्र में रखकर हर गांव के विकास का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया है। इसमें निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है – Tribal Development
- स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता
- शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार
- शुद्ध पेयजल की उपलब्धता
- पोषण योजनाओं का क्रियान्वयन
- महिला एवं बाल विकास योजनाओं का लाभ
- आजीविका के नए साधनों का सृजन
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का कवरेज
इन योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए “आदि कर्मयोगियों”, “आदि सहयोगियों”, “आदि विद्यार्थियों” और स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है। Tribal Development
कैसे बनता है ‘विलेज एक्शन प्लान’
गांव के “विलेज एक्शन प्लान” में उस गांव से जुड़ी तमाम आधारभूत जानकारियां दर्ज की जाती हैं। इसमें गांव की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, भौगोलिक जानकारी, उपलब्ध संसाधन, सरकारी योजनाओं का लाभ, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति जैसी जानकारियां शामिल होती हैं। Tribal Development
इसके साथ ही ग्रामवासी अपने विचार साझा करते हैं कि वे अपने गांव को आगे कैसे देखना चाहते हैं। इस तरह तैयार हुआ एक्शन प्लान न केवल गांव की जरूरतों को दर्शाता है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए विकास का खाका भी पेश करता है।
इसमें गांव का नाम, ग्राम पंचायत और विकासखंड, गांव की आबादी, मंदिर, पूजा स्थल, गरीब परिवारों का विवरण, आंगनवाड़ी, प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल, बिजली, सौर पैनल, स्ट्रीट लाइट, उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवार, शौचालय, सामुदायिक भवन, ग्राम चौपाल, सड़कें, खेती और सिंचाई व्यवस्था जैसी सूचनाएं दर्ज की जाती हैं। Tribal Development
तीन श्रेणियों में बंटेंगे एक्शन प्लान
राज्य सरकार के अनुसार, ग्राम सभाओं द्वारा अनुमोदित इन विलेज एक्शन प्लानों को जिला स्तर पर तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा – Tribal Development
- व्यक्तिगत या सेवाओं की मांग आधारित योजनाएं
- सामुदायिक परिसंपत्तियों और सेवाओं की मांग आधारित योजनाएं
- सेवाओं के वितरण की मांग पर आधारित योजनाएं
इन सभी योजनाओं को मिलाकर एक राज्य स्तरीय समग्र दस्तावेज तैयार किया जाएगा, जो आगे के विकास कार्यों के लिए रोडमैप का काम करेगा। Tribal Development
‘आदि सेवा केंद्र’ और ‘आदि सेवा समय’ से गांव होंगे सशक्त
राज्य सरकार ने “आदि सेवा केंद्र” और “आदि सेवा समय” जैसी पहल शुरू कर गांवों में शिकायत निवारण की व्यवस्था मजबूत की है। अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों या समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इन केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल जीवन मिशन और कृषि विभागों की सेवाओं को एक ही मंच से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाना और सेवाओं की पहुंच को सुगम बनाना है। Tribal Development
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “गांव की शक्ति, गांव के लोगों में है। जब गांव खुद अपने विकास का एजेंडा तय करेगा, तभी सच्चे अर्थों में आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।”