भोपाल, 2 अक्टूबर 2025। RSS 100 years मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने पर स्वयंसेवकों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। इस मौके पर उन्होंने संघ की गौरवशाली यात्रा को याद करते हुए कहा कि यह क्षण पूरे देश और समाज के लिए गर्व का है।
Table of Contents
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि “आज हम सब ‘संघ शताब्दी’ के साक्षी बन रहे हैं, यह सिर्फ एक संगठन की उपलब्धि नहीं बल्कि राष्ट्र के पुनर्निर्माण का ऐतिहासिक अध्याय है। मध्यप्रदेश को भी गर्व है कि इस यात्रा में उसका विशेष योगदान रहा है।” RSS 100 years
राष्ट्र निर्माण में संघ की भूमिका
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के बाद से ही यह संगठन समाज में राष्ट्रभक्ति, सेवा, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण की भावना जगाने में सफल रहा है। संघ ने जन-जन तक राष्ट्रीय चेतना पहुंचाने और जिम्मेदारी का भाव जगाने का काम किया है। RSS 100 years
उन्होंने बताया कि बीते 100 वर्षों में भारत के विकास और पुनर्निर्माण में संघ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। चाहे सामाजिक सुधार की बात हो, शिक्षा का क्षेत्र हो या फिर सांस्कृतिक जागरण का मुद्दा – संघ ने हर स्तर पर समाज को नई दिशा देने का कार्य किया है। RSS 100 years
“संघ है नींव भी, प्राचीर भी और शिखर भी”
डॉ. यादव ने कहा कि पिछले एक सदी में भारत के भव्य पुनर्निर्माण की नींव में भी संघ है, प्राचीर में भी संघ खड़ा है और शिखर पर भी संघ का ही प्रकाश दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि संघ ने हमेशा समाज को जोड़ने और देश को मजबूत बनाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने इसे भारत के उज्जवल भविष्य का प्रतीक बताया और कहा कि आने वाले वर्षों में संघ की यह यात्रा और भी प्रेरणादायक बनेगी। RSS 100 years
मध्यप्रदेश का योगदान
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इस शताब्दी यात्रा में मध्यप्रदेश का योगदान भी अद्वितीय रहा है। यहां से निकलकर कई स्वयंसेवकों ने देशभर में सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ने हमेशा राष्ट्र और समाज को समर्पित व्यक्तित्व दिए हैं और आगे भी यह परंपरा कायम रहेगी।
संघ का संदेश – “राष्ट्र ही सर्वोपरि”
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आरएसएस हमेशा से “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना के साथ काम करता आया है। समाज को जोड़ने, हर वर्ग को समान अवसर देने और सेवा-भाव से राष्ट्र निर्माण करने का जो दृष्टिकोण संघ का रहा है, वही आज भारत को एक विकसित राष्ट्र की ओर ले जा रहा है। RSS 100 years
उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे संघ की अनुशासन और सेवा की भावना से प्रेरणा लेकर समाज के हित में कार्य करें।
एक सदी की उपलब्धियां
- 1925 में स्थापना से लेकर अब तक संघ ने गांव-गांव और शहर-शहर में संगठन का विस्तार किया है।
- शिक्षा, सेवा, समाज सुधार और सांस्कृतिक उत्थान में लगातार कार्य किए हैं।
- आपदा के समय राहत और सहयोग की परंपरा ने संघ को जनता से जोड़े रखा।
- अनुशासन और राष्ट्रप्रेम को केंद्र में रखकर नई पीढ़ी का मार्गदर्शन किया।
मुख्यमंत्री का आह्वान
डॉ. यादव ने कहा कि “संघ की शताब्दी केवल संघ की उपलब्धि नहीं है, यह पूरे राष्ट्र की उपलब्धि है। आज हम सबको मिलकर यह संकल्प लेना चाहिए कि भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में हर नागरिक अपनी भूमिका निभाए।” RSS 100 years
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी शताब्दी के इस ऐतिहासिक पड़ाव तक पहुंचकर यह सिद्ध कर दिया है कि समाज की शक्ति ही राष्ट्र की असली ताकत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश ने न केवल संघ के योगदान को रेखांकित किया बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी प्रेरित किया है कि वे अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलकर भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करें।