फरसगांव। Vijayadashami 2025 विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन शस्त्र पूजन की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि इस दिन अपने शस्त्रों की पूजा करने से वे हमेशा धर्म और न्याय की रक्षा में उपयोग होते हैं। ठीक इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए फरसगांव थाना परिसर में पुलिस जवानों ने भी विधिविधान से शस्त्र पूजन किया और समाज की सुरक्षा एवं शांति की कामना की।
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पुलिस जवानों ने निभाई परंपरा
विजयदशमी के मौके पर 2 अक्टूबर को फरसगांव पुलिस थाने में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। थाना प्रभारी संजय सिंदे के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों ने हवन कर शस्त्रों का पूजन किया। इस अवसर पर सहायक उप निरीक्षक पीताम्बर कठार, सुरेंद्र बघेल, यशवंत सेन, प्रधान आरक्षक सतीश चिंडा, बीना कोमरा, आरक्षक कृष्णा सोनवानी, हेमा शार्दूल, कृष्णा सेठिया, घनश्याम यादव, भानुप्रिया मरकाम और लक्ष्मी शोरी सहित थाना स्टाफ मौजूद रहा। Vijayadashami 2025
पूजन कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने यह संकल्प लिया कि उनके शस्त्र हमेशा समाज, देश और परिवार की रक्षा के लिए ही प्रयोग होंगे और अन्याय तथा अपराध के खिलाफ उनकी शक्ति हमेशा तत्पर रहेगी। Vijayadashami 2025
विजयदशमी का महत्व और पुलिस की भूमिका
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विजयदशमी का पर्व सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह हमें सत्य और न्याय की राह पर चलने का संदेश भी देता है। जिस प्रकार भगवान राम ने इस दिन रावण का वध कर बुराई का अंत किया था, उसी प्रकार पुलिस का कर्तव्य है कि समाज में अपराध और अन्याय का खात्मा हो। Vijayadashami 2025
थाना प्रभारी संजय सिंदे ने बताया कि पुलिस बल सदैव समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा – “शस्त्र हमारे लिए सिर्फ हथियार नहीं बल्कि समाज की रक्षा करने का माध्यम हैं। विजयदशमी पर शस्त्र पूजन हमें यह याद दिलाता है कि हमें अपनी शक्ति का प्रयोग हमेशा धर्म, न्याय और देशहित में करना चाहिए।” Vijayadashami 2025
अपराधियों के लिए कड़ा संदेश
शस्त्र पूजन के इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने अपराधियों और समाज विरोधी तत्वों के लिए भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस हर उस व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई करेगी जो कानून तोड़ने, शांति भंग करने या देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होगा।
पुलिस का मानना है कि विजयदशमी जैसे पर्व उनके कर्तव्यों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। इस दिन वे खुद को और ज्यादा जिम्मेदार महसूस करते हैं ताकि आम नागरिक सुरक्षित और निडर होकर अपना जीवन जी सकें।
सामाजिक संदेश भी दिया गया
फरसगांव पुलिस ने शस्त्र पूजन के साथ-साथ समाज में शांति, भाईचारे और एकता का भी संदेश दिया। पुलिस कर्मियों ने बताया कि यह पर्व हमें आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने की प्रेरणा देता है। समाज तभी मजबूत होगा जब सभी लोग कानून का पालन करेंगे और आपसी सौहार्द बनाए रखेंगे। Vijayadashami 2025
नागरिकों में बढ़ा विश्वास
थाने में हुए शस्त्र पूजन के इस आयोजन से स्थानीय नागरिकों में भी उत्साह देखने को मिला। लोगों ने कहा कि जब पुलिस खुद परंपराओं का पालन करती है तो आम जनता का भरोसा और ज्यादा बढ़ जाता है। इससे यह संदेश जाता है कि पुलिस सिर्फ कानून लागू करने वाली संस्था नहीं बल्कि समाज का अभिन्न हिस्सा भी है।
विजयदशमी और सुरक्षा का संबंध
धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से विजयदशमी को शौर्य और साहस का पर्व माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन शस्त्र पूजन की परंपरा सदियों से चली आ रही है। चाहे वह सेना हो या पुलिस, दोनों ही बल इस दिन अपने हथियारों की पूजा कर यह संकल्प लेते हैं कि उनका उपयोग सिर्फ रक्षा और न्याय के लिए होगा, न कि किसी अन्याय या गलत काम के लिए। Vijayadashami 2025
पुलिस जवानों की प्रतिबद्धता
फरसगांव पुलिस ने विजयदशमी पर शस्त्र पूजन कर यह स्पष्ट कर दिया कि उनका हर कदम समाज की सुरक्षा और देशहित के लिए समर्पित है। पुलिस बल का यह संकल्प नागरिकों के मन में सुरक्षा की भावना को और मजबूत करता है। Vijayadashami 2025
फरसगांव थाना परिसर में हुआ शस्त्र पूजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज के प्रति पुलिस की जिम्मेदारी और संकल्प का भी स्पष्ट संदेश लेकर आया। विजयदशमी के इस मौके पर पुलिस ने एक बार फिर यह साबित किया कि उनका हर कदम बुराई और अपराध के खिलाफ और न्याय व सत्य की स्थापना के लिए ही है। Vijayadashami 2025
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