बलरामपुर। Fake Doctor जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इलाज के नाम पर झोलाछाप मेडिकल संचालक की लापरवाही ने 7 साल के मासूम अनमोल एक्का की जिंदगी छीन ली। यह दर्दनाक हादसा पूरे बलरामपुर जिले के लिए गहरे सदमे का कारण बन गया है।
मासूम अनमोल – परिवार का नन्हा चिराग
वार्ड क्रमांक 8 निवासी अनमोल एक्का सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा तीसरी का छात्र था। पढ़ाई में अच्छा और घर का छोटा बेटा होने के कारण वह परिवार की खुशियों का केंद्र था। लेकिन उसकी मासूम हंसी और चहक अब हमेशा के लिए थम गई। Fake Doctor
मामूली इलाज बना मौत का कारण
बुधवार को अनमोल को एक छोटा सा घाव हो गया था। परिवार उसे पास ही स्थित शंभू मेडिकल स्टोर इलाज के लिए लेकर गया। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल संचालक शंभू विश्वकर्मा खुद को डॉक्टर बताकर इलाज करता था। उसने बिना डॉक्टर की सलाह के मासूम को 500 एमजी का इंजेक्शन लगा दिया।
इंजेक्शन लगते ही अनमोल की हालत बिगड़ गई। घबराए परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए तुरंत अंबिकापुर रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही मासूम अनमोल की सांसें थम गईं और परिवार की दुनिया उजड़ गई। Fake Doctor
परिजनों का आक्रोश – “बेटा खोया, अब न्याय चाहिए”
अनमोल के पिता सुषील एक्का ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि शंभू विश्वकर्मा लंबे समय से अवैध रूप से मेडिकल स्टोर चला रहा है और खुद को डॉक्टर बताकर लोगों को अंग्रेजी दवाइयां और इंजेक्शन देता है। Fake Doctor
परिवार का कहना है –
“हमने अपना बेटा खो दिया है। अब हम सिर्फ न्याय चाहते हैं। जब तक आरोपी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर सजा नहीं दी जाती, हम चुप नहीं बैठेंगे।”
ग्रामीणों का गुस्सा – “कब तक मौत के बाद जागेगा प्रशासन?”
अनमोल की मौत ने पूरे इलाके में गुस्से की लहर फैला दी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव-गांव में झोलाछाप खुलेआम इलाज के नाम पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। Fake Doctor
स्थानीय लोगों का सवाल है कि –
“आखिर प्रशासन कब तक मौत के बाद ही जागेगा? क्यों समय रहते इन नकली डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं की जाती?” Fake Doctor
प्रशासन की कार्रवाई – मेडिकल सील, FIR दर्ज
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया। शंभू मेडिकल स्टोर को तुरंत सील कर दिया गया और संचालक शंभू विश्वकर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि, आरोपी फिलहाल फरार है और पुलिस तलाश में लगी है। Fake Doctor
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
बड़ा सवाल – कब सुधरेगी स्वास्थ्य व्यवस्था?
अनमोल की मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण और छोटे कस्बों की स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी बदहाल है। सरकारी अस्पतालों की कमी और डॉक्टरों की अनुपलब्धता के चलते लोग मजबूरी में झोलाछापों के पास इलाज कराने जाते हैं। लेकिन यह मजबूरी अक्सर किसी मासूम की जिंदगी छीन लेती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि –
ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित मेडिकल जांच और निगरानी जरूरी है।
अवैध रूप से मेडिकल चला रहे संचालकों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। Fake Doctor
आम लोगों को जागरूक करना भी बेहद जरूरी है कि वे बिना पंजीकृत डॉक्टर से इलाज न कराएं। Fake Doctor
मासूम अनमोल की मौत – सबक या सिर्फ खबर?
अनमोल की दर्दनाक मौत सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस घटना से सबक लेगा, या फिर यह खबर भी कुछ दिनों में भुला दी जाएगी? Fake Doctor
नतीजा यही है कि जब तक ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती और झोलाछापों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक ऐसे मासूम अनमोल यूं ही अपनी जिंदगी खोते रहेंगे।