फरसगांव (कोंडागांव)। Student Suicide Case फरसगांव नगर स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय चिचाड़ी में बीते दिनों हुई कक्षा 10वीं के छात्र यशवंत मरकाम की आत्महत्या के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में गहरी संवेदना के साथ-साथ सवाल भी उठे हैं। पालक संघ और स्थानीय लोगों की मांग पर गुरुवार की शाम कोंडागांव कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने विद्यालय का निरीक्षण किया और बच्चों व शिक्षकों से सीधी चर्चा की।
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कलेक्टर ने बच्चों से साझा की बातें
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि यदि उन्हें स्कूल, पढ़ाई या परिवार से जुड़ी कोई भी परेशानी है, तो उसे अपने दोस्तों और शिक्षकों के साथ जरूर साझा करें। उन्होंने बच्चों को भरोसा दिलाया कि उनकी हर समस्या का समाधान प्रशासन और शिक्षक मिलकर करेंगे। Student Suicide Case
कलेक्टर ने साफ कहा कि “कभी भी अकेलेपन या दबाव की स्थिति में खुद को बंद न करें। बात करना सबसे आसान समाधान है। चाहे पढ़ाई का तनाव हो या घर की चिंता, अपनी बातें जरूर साझा करें।” Student Suicide Case
छात्रावास में काउंसलिंग की व्यवस्था
कलेक्टर ने बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनकी परेशानियों को जानने के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। इसके लिए जिला प्रशासन की टीम नियमित रूप से छात्रावास में जाकर बच्चों से बातचीत करेगी और उनकी समस्याओं को सुनेगी। Student Suicide Case
जांच टीम गठित
यशवंत मरकाम की मौत के पीछे के कारणों को जानने के लिए प्रशासन ने विशेष जांच टीम बनाई है। इस जांच टीम के प्रभारी फरसगांव एसडीएम अश्वन कुमार पूसाम को बनाया गया है। टीम छात्रावास की व्यवस्थाओं, बच्चों की दिनचर्या और वातावरण से जुड़े पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। Student Suicide Case
निरीक्षण में मौजूद रहे अधिकारी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें फरसगांव एसडीएम अश्वन कुमार पूसाम, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, सहायक आयुक्त कृपेंद्र तिवारी, तहसीलदार जयकुमार नाग, जनपद सीईओ रूपेंद्र नेताम और नायब तहसीलदार निधि नेताम शामिल रहे। Student Suicide Case
इसके अलावा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय चिचाड़ी की प्राचार्य अनीत मंडावी और कोरगांव विद्यालय के प्राचार्य अनिल पांडे, साथ ही दोनों विद्यालयों के अधीक्षक भी उपस्थित रहे।
पालक संघ की मांग और प्रशासन की प्रतिक्रिया
छात्र की आत्महत्या के बाद पालक संघ के प्रतिनिधियों ने छात्रावास का निरीक्षण किया था और वहां की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने उच्च अधिकारियों से तत्काल जांच और सुधार की मांग की थी। पालक संघ का कहना है कि छात्रों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए ताकि वे मानसिक दबाव से मुक्त होकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने आश्वासन दिया कि विद्यालय और छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों का सुरक्षित और सकारात्मक माहौल में पढ़ाई करना ही प्रशासन की प्राथमिकता है।
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समाज के लिए बड़ा संदेश
यह निरीक्षण और बातचीत केवल एक औपचारिकता नहीं थी बल्कि बच्चों और अभिभावकों के लिए एक बड़ा संदेश था। इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सहयोग और मानसिक मजबूती की भी आवश्यकता है। Student Suicide Case
कलेक्टर ने बच्चों को यह भरोसा दिया कि प्रशासन उनके साथ खड़ा है और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत मदद के लिए आगे आएगा। Student Suicide Case
यह पूरा घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि शिक्षा के साथ-साथ छात्रों की मानसिक सेहत और सुरक्षा पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है। फरसगांव का यह मामला पूरे जिले के लिए एक चेतावनी है कि समय रहते बच्चों की समस्याओं को पहचाना और हल किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।