कोंडागांव। Kondagaon News बच्चों की सही परवरिश केवल परिवार ही नहीं, बल्कि समाज के विकास से भी जुड़ी होती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए ग्राम पंचायत सम्बलपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग, यूनिसेफ और विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसाइटी के संयुक्त सहयोग से एक समुदाय बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक परवरिश चैम्पियन कार्यक्रम के तहत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
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बैठक में कुल 51 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें पंचायत प्रतिनिधि, सरपंच बुधराम नेताम, उपसरपंच फूलराम बधेल, वार्ड पंच एवं जिला समन्वयक योगेंद्र जैन, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता और पालक शामिल थे। इस दौरान चर्चा का मुख्य उद्देश्य था—गांव के पालकों को 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल और परवरिश के महत्व के प्रति जागरूक करना। Kondagaon News
बच्चों के विकास पर हुई गहन चर्चा
बैठक की शुरुआत विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसाइटी के जिला समन्वयक योगेंद्र जैन ने की। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों के जीवन के शुरुआती छह साल उनके भविष्य की नींव रखते हैं। इस दौरान बच्चे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से तेजी से विकसित होते हैं, इसलिए पालकों को इस समय विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। Kondagaon News
उन्होंने यह भी समझाया कि बच्चे केवल खान-पान और स्वास्थ्य सेवाओं से ही नहीं, बल्कि प्यार, देखभाल और सही माहौल से भी विकसित होते हैं। एक संवेदनशील और सकारात्मक वातावरण बच्चों को आत्मविश्वासी और समझदार बनाता है।
पालकों की भूमिका सबसे अहम
बैठक में यह बात सामने आई कि बच्चों की परवरिश केवल आँगनबाड़ी कार्यकर्ता या स्कूल की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सबसे बड़ी भूमिका पालकों की ही होती है। बच्चों को समय देना, उनसे बातें करना, खेल-खेल में नई बातें सिखाना और उन्हें सुरक्षा का अहसास कराना—ये सब उनकी परवरिश का अहम हिस्सा है। Kondagaon News
पालकों को यह सुझाव दिया गया कि वे बच्चों की छोटी-छोटी उपलब्धियों पर उन्हें प्रोत्साहित करें। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे नई चीजें सीखने के लिए और अधिक उत्साहित होंगे। Kondagaon News
आँगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका
बैठक में आँगनबाड़ी केंद्रों के महत्व पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि आँगनबाड़ी सिर्फ बच्चों को पोषण आहार देने का केंद्र नहीं है, बल्कि यहां बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया जाता है। यहां उन्हें पढ़ाई, खेलकूद और सामाजिक व्यवहार की शुरुआती शिक्षा दी जाती है। Kondagaon News
आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पालकों से अपील की कि वे नियमित रूप से अपने बच्चों को आँगनबाड़ी भेजें और वहां चल रहे गतिविधियों में सहयोग करें। Kondagaon News
सामुदायिक सहभागिता से हुआ कार्यक्रम सफल
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से अपनी बात रखी और बच्चों की परवरिश को लेकर सवाल भी पूछे। विशेषज्ञों ने सभी सवालों का जवाब सरल भाषा में दिया और बच्चों के सही खान-पान, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े टिप्स साझा किए।
बैठक के अंत में यह निष्कर्ष निकला कि बच्चों की परवरिश केवल परिवार का काम नहीं है, बल्कि पूरा समाज मिलकर इसमें सहयोग करता है। जब पालक, शिक्षक, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि एक साथ जुड़ेंगे, तभी बच्चों का भविष्य मजबूत बन सकेगा। Kondagaon News
बैठक के प्रमुख बिंदु
- बच्चों की परवरिश और देखभाल के महत्व पर चर्चा
- पालकों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर जोर
- आँगनबाड़ी केंद्रों की अहमियत पर विस्तार से जानकारी
- प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी और प्रश्नोत्तर सत्र
इस तरह सम्बलपुर में आयोजित यह समुदाय बैठक न केवल पालकों के लिए ज्ञानवर्धक रही, बल्कि समाज में बच्चों की देखभाल और परवरिश को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हुई। Kondagaon News
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