ग्राम कनेरी में Jayanti Celebration को एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर गांव के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उनके जीवन दर्शन और विचारों को याद करते हुए बताया कि आज के समय में उपाध्याय जी की सोच समाज और राजनीति दोनों के लिए प्रेरणादायी है।
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कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। मंच से बोलते हुए जनार्दन सिन्हा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय राजनीति को एक नई दिशा दी। उनका “एकात्म मानववाद” का दर्शन सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें सामाजिक, आध्यात्मिक और आर्थिक मूल्यों का समावेश था। उन्होंने समाज में समरसता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया और भारतीय जनसंघ की स्थापना कर देश के राजनीतिक परिदृश्य पर गहरी छाप छोड़ी। Jayanti Celebration
उपाध्याय जी की सोच आज भी प्रासंगिक
जनार्दन सिन्हा ने आगे कहा कि उपाध्याय जी ने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि समाज का अंतिम व्यक्ति शासन की योजनाओं से लाभान्वित हो। उनका मानना था कि भारत की असली ताकत गांवों में बसती है और एक आत्मनिर्भर गांव ही देश को मजबूत बना सकता है। Jayanti Celebration
इस मौके पर ग्राम पंचायत कनेरी की सरपंच श्रीमती दिनेश्वरी पन्नालाल सिन्हा ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने विकेंद्रीकृत राजनीतिक व्यवस्था की कल्पना की थी, जिसमें गांवों को विकास का केंद्र माना गया। उनके विचार भारतीय संस्कृति में गहराई से जुड़े हुए थे और यही वजह है कि आज भी उनकी सोच देश के लिए मार्गदर्शक बनी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि उपाध्याय जी का सपना था कि हर गांव आत्मनिर्भर बने और वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाएं उपलब्ध हों। उनकी सोच हमें यह सिखाती है कि समरस समाज बनाने के लिए हर वर्ग और हर व्यक्ति को समान अवसर दिया जाना चाहिए। Jayanti Celebration
ग्रामवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति
जयंती कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखने को मिली। सभी ने मिलकर उपाध्याय जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। Jayanti Celebration
इस मौके पर मौजूद जनार्दन सिन्हा, सरपंच श्रीमती दिनेश्वरी पन्नालाल सिन्हा, विशाल सिंह बघेल, श्रीमती गैदीबाई विश्वकर्मा, अन्नपूर्णा डहरे, सनत ठाकुर, हेमलाल ऊईके, खेमलाल सिन्हा, होरीलाल ठाकुर, रेखराम पटेल, महेशराम सिन्हा, जानू राम साहू, चैन सिंह सिन्हा, श्यामलाल साहू, गजराज यादव, द्वारिका साहू, जगजीवन ठाकुर, रखोहरि साहू, श्रीमती पद्मिनी साहू, श्रीमती उमाबाई साहू, श्रीमती कांतिबाई मानिकपुरी, गंगाधर यादव, शंभूदेव सिन्हा, कृष्णा यादव और कृष्ण मुरारी यादव सहित कई लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। Jayanti Celebration
नई पीढ़ी को उनके विचार अपनाने की जरूरत
गांव के युवाओं ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। उनका कहना था कि आज की पीढ़ी को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे महान विचारकों के बारे में जानना जरूरी है। उनकी सोच से ही समाज में आपसी भाईचारा और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत होती है। Jayanti Celebration
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से गांव की नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और राजनीति की गहराई से समझ मिलती है।
ग्राम कनेरी में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक जयंती समारोह नहीं था, बल्कि एक ऐसा अवसर था जब ग्रामीणों ने मिलकर भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सोच को आत्मसात किया। उपाध्याय जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और अगर समाज उनका अनुसरण करे तो निश्चित ही भारत एक आत्मनिर्भर और समरस राष्ट्र बन सकता है। Jayanti Celebration
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