जगदलपुर। Bastar Dussehra 2025 बस्तर का ऐतिहासिक और अनोखा दशहरा उत्सव अपने पूरे शबाब पर है। इस भव्य पर्व का सबसे खास आकर्षण मानी जाने वाली फूल रथ परिक्रमा का आयोजन गुरुवार को किया गया। मां दंतेश्वरी के छत्र और डोली को फूल रथ पर विराजमान कर पूरे नगर का भ्रमण कराया गया। इस दौरान परंपरा के अनुसार बस्तर पुलिस के जवानों ने हर्ष फायर कर सलामी दी, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और जोश से भर गया।
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दुनिया का सबसे लंबा दशहरा
बस्तर दशहरा को दुनिया का सबसे लंबा दशहरा कहा जाता है, जो पूरे 75 दिनों तक चलता है। यहां के रीति-रिवाज और परंपराएं देश-दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलतीं। इस दौरान हर दिन विशेष अनुष्ठान और रस्में होती हैं, जिनमें फूल रथ परिक्रमा का विशेष महत्व है। Bastar Dussehra 2025
फूल रथ परिक्रमा का महत्व
जोगी बिठाई की रस्म के बाद अगले पांच दिनों तक फूल रथ परिक्रमा निकाली जाती है। हालांकि इस साल नवरात्रि पर्व के दौरान तृतीया तिथि दो दिनों तक रहने से परिक्रमा की अवधि 6 दिन तक रहेगी। यानी 24 सितंबर से 29 सितंबर तक रोजाना फूल रथ नगर भ्रमण करेगा। Bastar Dussehra 2025
यह परिक्रमा केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि सामाजिक मेलजोल और आस्था का अनोखा संगम भी है। मान्यता है कि मां दंतेश्वरी इस रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों का सुख-दुख जानती हैं। जिन श्रद्धालुओं को इस रथ का दर्शन मिलता है, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। Bastar Dussehra 2025
विशाल लकड़ी का रथ
फूल रथ एक विशाल दो मंजिला लकड़ी का रथ होता है, जिसे खासतौर से दशहरा पर्व के लिए तैयार किया जाता है। इसे फूलों, कपड़ों और पारंपरिक सजावट से बेहद खूबसूरती से सजाया जाता है। इसी वजह से इसे “फूल रथ” कहा जाता है।
इस रथ को खींचने का जिम्मा सैकड़ों ग्रामीणों का होता है। जगदलपुर और आसपास के गांवों से आए लोग स्वेच्छा से इस रथ को खींचते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी पूरी आस्था और उत्साह के साथ निभाई जाती है।
जवानों ने दी सलामी
फूल रथ परिक्रमा के दौरान एक खास परंपरा यह भी है कि रथ पर मां दंतेश्वरी के छत्र को बस्तर पुलिस के जवान हर्ष फायर कर सलामी देते हैं। यह नजारा भक्तों के लिए गर्व और आस्था दोनों का प्रतीक होता है। इस साल भी गुरुवार को जब जवानों ने सलामी दी तो पूरा वातावरण भक्तिरस से भर उठा और श्रद्धालुओं ने जयकारों से माहौल गूंजा दिया। Bastar Dussehra 2025
श्रद्धा और आस्था का संगम
फूल रथ परिक्रमा में दूर-दराज से लोग शामिल होने आते हैं। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी प्रतीक है। ग्रामीणों, नगरवासियों और पुलिस प्रशासन की संयुक्त भागीदारी इसे और खास बना देती है।
बस्तर दशहरा की यही खूबी है कि इसमें किसी एक वर्ग या समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे समाज की भागीदारी होती है। यही कारण है कि यह दशहरा दुनिया भर में अपनी अलग पहचान रखता है। Bastar Dussehra 2025
फूल रथ परिक्रमा न सिर्फ मां दंतेश्वरी की आस्था से जुड़ा आयोजन है बल्कि बस्तर की संस्कृति, परंपरा और लोगों की एकजुटता का अद्भुत उदाहरण भी है। इस परिक्रमा में शामिल होकर हर कोई खुद को भाग्यशाली मानता है। Bastar Dussehra 2025
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