फरसगांव। बस्तर अंचल में वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। (Illegal Encroachment) इसी कड़ी में बड़ेडोंगर वन परिक्षेत्र के हरवाकोड़ो इलाके से बड़ी खबर आई है, जहां वन विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से एक बार फिर अवैध खेती को हटाने की कार्रवाई की है। ग्रामीण समितियों की सहमति से करीब 10 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया गया है।
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कैसे चला अतिक्रमण का खेल
जानकारी के मुताबिक, हरवाकोड़ो के कक्ष क्रमांक आर.एफ. 1033 में कुछ लोगों ने वनभूमि पर हल चलाकर उड़द, हिरवा और कुल्थी जैसी फसलें बो दी थीं। धीरे-धीरे ये लोग खेती को स्थायी अतिक्रमण में बदलने की तैयारी में थे। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय वन प्रबंधन समितियां सतर्क हो गईं। (Illegal Encroachment)
ग्रामीणों और समितियों ने लिया बड़ा फैसला
इस मामले को लेकर वन प्रबंधन समिति भंडारवंडी, छोटेटेमली और नाचनडीही की संयुक्त बैठक बुलाई गई। बैठक में समितियों के अध्यक्ष और सदस्यों ने चर्चा कर एकमत से यह प्रस्ताव पारित किया कि अवैध फसलों को जड़ से खत्म करना होगा। इसके लिए तय किया गया कि ग्रामीण अपने गाय-बैल और बकरियों को खेत में चराएंगे, ताकि फसल पूरी तरह नष्ट हो जाए। (Illegal Encroachment)
फसल को किया गया नष्ट, भूमि को कराया मुक्त
बैठक के बाद योजना के अनुसार ग्रामीणों ने अपने मवेशियों को खेतों में छोड़ा। देखते ही देखते पूरी फसल नष्ट हो गई और करीब 10 हेक्टेयर भूमि वापस वन विभाग के कब्जे में आ गई। इस प्रक्रिया के दौरान 12 अतिक्रमणकारियों को भी समझाइश दी गई और उनसे लिखित में आश्वासन लिया गया कि वे आगे इस तरह की हरकत नहीं करेंगे। (Illegal Encroachment)
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ग्रामीणों का रहा अहम योगदान
इस कार्रवाई में केवल वन विभाग ही नहीं बल्कि स्थानीय ग्रामीण समितियों का भी बड़ा योगदान रहा। भंडारवंडी, छोटेटेमली और नाचनडीही की समितियों के सदस्य लगातार मौके पर डटे रहे और हर कदम पर विभाग का सहयोग किया। यही वजह रही कि कार्रवाई शांतिपूर्ण माहौल में पूरी हो सकी। (Illegal Encroachment)
मौजूद रहे कई गांवों के लोग
कार्रवाई के दौरान परिक्षेत्र हरवाकोड़ो के अलावा मांझीआठगांव और आलोर गांव के ग्रामीण भी मौजूद रहे। सभी ने इस प्रयास को सराहा और आगे भी वनभूमि की रक्षा में सहयोग देने का भरोसा दिलाया। (Illegal Encroachment)
अतिक्रमण पर विभाग का साफ संदेश
वन विभाग की इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वनभूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग का मानना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण को नहीं रोका जाए तो वन क्षेत्र लगातार सिमटता जाएगा, जिसका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। (Illegal Encroachment)
ग्रामीणों में जागरूकता जरूरी
यह मामला इस बात की मिसाल भी है कि जब ग्रामीण और वन विभाग मिलकर कदम उठाते हैं तो किसी भी समस्या का हल आसानी से निकल सकता है। वनभूमि सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि हर गांव और हर ग्रामीण की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ समितियों ने मिलकर फसल नष्ट कर दी और भूमि को बचा लिया। (Illegal Encroachment)
आगे भी होगी निगरानी
वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर आगे भी निगरानी रखी जाएगी। यदि किसी और स्थान पर खेती या कब्जे की कोशिश हुई तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। (Illegal Encroachment)