e-rickshaw battery stolen लखनऊ के बीकेटी थानाक्षेत्र में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले जहां दो पहिया वाहनों को निशाना बनाया जा रहा था, अब बैटरी चोरों का गिरोह सक्रिय हो गया है। ताज़ा मामला शुक्रवार रात का है, जब चोरों ने एक ही रात में ई-रिक्शा और डंपरों से आठ बैटरियां चुरा लीं। लगातार बढ़ रही इन घटनाओं ने वाहन मालिकों और आम लोगों की नींद उड़ा दी है।
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डंपरों और ई-रिक्शा को बनाया निशाना
जानकारी के मुताबिक, बीकेटी के चंद्रिका देवी रोड पर बड़ी देवरई के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर खड़े दो डंपरों से चोरों ने बैटरियां निकाल लीं। डंपर मालिक राजेश पुत्र छोटेलाल, जो अंबरभारी के रहने वाले हैं, ने बताया कि उनके डंपर कई दिनों से पेट्रोल पंप पर खड़े थे। 12 सितंबर की सुबह करीब तीन बजे उन्हें पता चला कि दोनों डंपरों की चारों बैटरियां चोरी हो चुकी हैं।
यही नहीं, उसी रात जीसीआरजी कॉलेज के पास कृष्णा हॉस्टल के पास खड़े योगेंद्र सिंह के ई-रिक्शा को भी चोरों ने निशाना बनाया। चोर कार से आए और देखते ही देखते ई-रिक्शा की चारों बैटरियां निकाल ले गए। इस तरह एक ही रात में कुल आठ बैटरियां चोरी हो गईं। e-rickshaw battery stolen
पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के चलते चोरों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करती। यही वजह है कि चोर अब ट्रक, टेम्पो और ई-रिक्शा जैसे बड़े वाहनों को भी निशाना बनाने लगे हैं। e-rickshaw battery stolen
लोगों का यह भी कहना है कि पुलिस और चोरों के बीच सांठगांठ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि अगर पुलिस सक्रिय होती, तो इतनी बड़ी घटनाएं बार-बार घटित नहीं होतीं। शिकायत दर्ज करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई न हो, तो सवाल उठना लाज़मी है। e-rickshaw battery stolen
बढ़ती घटनाओं से लोगों में दहशत
चोरी की घटनाओं ने बीकेटी क्षेत्र के वाहन मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। जिन लोगों के वाहन बाहर खड़े रहते हैं, उन्हें हमेशा यह डर सताता है कि कहीं उनकी गाड़ी की बैटरी या सामान चोरी न हो जाए। लोग अब अपने वाहन घरों में या सुरक्षित जगहों पर रखने लगे हैं। e-rickshaw battery stolen
वहीं दूसरी ओर, बैटरी चोरी का यह सिलसिला आम जनता की जेब पर भी भारी पड़ रहा है। एक बैटरी की कीमत हज़ारों रुपये होती है, और बार-बार बैटरी बदलना वाहन मालिकों के लिए सर दर्द बन चुका है e-rickshaw battery stolen
चोरों पर सख्ती की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर बैटरी चोरी करने वाले गिरोह को पकड़ा नहीं, तो यह समस्या और भी बड़ी हो सकती है। जिस तरह से पहले बाइक चोर सक्रिय थे और अब बैटरी चोरों ने एंट्री मार ली है, यह साफ दिखाता है कि अपराधी पुलिस से बेखौफ हैं। e-rickshaw battery stolen
लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र में रात के समय गश्त बढ़ाई जाए, पेट्रोल पंप और कॉलेज जैसे इलाकों पर सीसीटीवी कैमरों की जांच हो और बैटरी चोरी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। e-rickshaw battery stolen
पुलिस पर उठ रहा भरोसे का संकट
बीकेटी थानाक्षेत्र की पुलिस पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो रिपोर्ट दर्ज हो रही है और न ही चोर पकड़े जा रहे हैं। इससे आम जनता का भरोसा पुलिस से उठने लगा है। e-rickshaw battery stolen
लोगों का कहना है कि पुलिस अगर सक्रिय होती, तो चोर इतनी आसानी से चोरी करके भाग नहीं सकते थे। अब हालात यह हैं कि लोग यह सोचने को मजबूर हैं कि पुलिस चोरों की मदद कर रही है या वास्तव में अपराध रोकने के लिए काम कर रही है।
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