रविशंकर सोनी पन्ना/पवई। Illegal Liquor in Village गांव-गांव में फैलती अवैध शराब की समस्या अब ग्रामीण महिलाओं के सब्र का बांध तोड़ रही है। पवई जनपद के ग्राम हड़ा की महिलाओं ने एकजुट होकर अवैध शराब बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। इस दौरान महिलाओं ने एसडीएम, थाना प्रभारी और एसडीओपी पवई को ज्ञापन सौंपकर गांव की बिगड़ती स्थिति से अवगत कराया।
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महिलाओं का कहना है कि हड़ा ग्राम में खुलेआम 24 घंटे अवैध शराब बिक रही है और इसे बेचने वाले दबंगई दिखाकर कहते हैं कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। शराब की इस खुलेआम बिक्री ने गांव के माहौल को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है।
बच्चों में भी लग रही नशे की लत
गांव की महिलाओं ने बताया कि शराब के कारण युवाओं के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चों तक में नशे की लत बढ़ती जा रही है। यह स्थिति न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव के भविष्य के लिए खतरे की घंटी बन चुकी है। महिलाएं बोलीं कि शराब की वजह से आए दिन झगड़े, घरेलू कलह और सामाजिक विवाद बढ़ रहे हैं। Illegal Liquor in Village
प्रशासन की चुप्पी से नाराजगी
ग्रामीण महिलाओं और भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। महिलाओं Illegal Liquor in Village ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने अब भी ध्यान नहीं दिया तो वे अपने स्तर पर विरोध करने के लिए मजबूर होंगी।
महिलाओं का कहना था कि एक तरफ सरकार और प्रशासन जगह-जगह नशा मुक्ति अभियान चलाते हैं, लेकिन दूसरी तरफ गांवों में खुलेआम शराब बिक रही है। ऐसे में यह अभियान सिर्फ दिखावा साबित हो रहा है। Illegal Liquor in Village
महिला सरपंच भी शामिल
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्राम पंचायत हड़ा की महिला सरपंच भी अन्य महिलाओं के साथ मौजूद रहीं। इसके अलावा भगवती मानव कल्याण संगठन के प्रतिनिधियों ने भी महिलाओं का साथ दिया और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
“हम चुप नहीं बैठेंगे” – महिलाओं का ऐलान
गांव की महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि अगर प्रशासन ने उनकी बात अनसुनी की तो वे खुद अपने तरीके से कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि बच्चों और युवाओं का भविष्य बचाना सबसे जरूरी है। Illegal Liquor in Village
ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब क्यों बड़ा खतरा?
गांवों में अवैध शराब की बिक्री सिर्फ कानून तोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और पारिवारिक ताने-बाने को भी कमजोर कर रही है। ग्रामीण अंचलों में जब युवा और किशोर वर्ग नशे की गिरफ्त में आता है तो न सिर्फ पढ़ाई और रोजगार प्रभावित होते हैं बल्कि अपराध और हिंसा की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। Illegal Liquor in Village
गांव की महिलाएं अक्सर इन सबसे सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। शराब पीकर झगड़े करना, परिवारों में कलह पैदा होना और बच्चों पर इसका बुरा असर पड़ना—ये समस्याएं सीधे तौर पर महिलाओं और बच्चों को झेलनी पड़ती हैं।
प्रशासन से उम्मीदें
अब पूरा गांव प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई हो गई तो गांव का माहौल सुधर सकता है, अन्यथा आने वाले समय में स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी। Illegal Liquor in Village
गांव की महिलाओं ने इस ज्ञापन के जरिए साफ कर दिया है कि वे अपने बच्चों और समाज का भविष्य बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं। Illegal Liquor in Village