लखनऊ Lucknow pollution news बीकेटी विकासखंड के पहाड़पुर ग्राम पंचायत और उसके आसपास बसे गांवों के हजारों ग्रामीण पिछले कई सालों से एक गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। समस्या है — पहाड़पुर में संचालित ईश्वरचंद्र अग्रवाल की पुरुषोत्तम राम ग्लूकोज़ फैक्ट्री से निकलने वाला जहरीला धुआं, गैस और गंदा पानी। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैक्ट्री उनके जीवन के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं है।
Table of Contents
गांव के लोग रोज़ाना जहरीली गैस और धुएं से सांस लेने को मजबूर हैं। वहीं, फैक्ट्री से निकलने वाला गंदा पानी खेतों और तालाबों में जमा होकर फसलों, पेड़-पौधों और मवेशियों को नुकसान पहुंचा रहा है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अब यह चिंता सता रही है कि आखिर इस प्रदूषण पर लगाम कब लगेगी?
जहरीली गैस से गांव के लोग बेहाल
ग्रामीणों के मुताबिक फैक्ट्री से निकलने वाली गैस और धुएं की दुर्गंध इतनी तेज़ है कि कई किलोमीटर दूर से भी इसे आसानी से महसूस किया जा सकता है। पास के गांवों में लोग कपड़े से मुंह ढककर सांस लेने को मजबूर हो गए हैं।
पहाड़पुर के पास स्थित सरकारी स्कूल के बच्चे भी इस प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। जहरीली गैस और दुर्गंध से बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पढ़ाई से ज्यादा समय बच्चे बीमारियों से लड़ने में गुजार रहे हैं।
खेतों में जमा हो रहा जहरीला पानी
फैक्ट्री से निकलने वाला गंदा पानी नालियों से बहकर खेतों में जमा हो रहा है। यह पानी इतना गंदा और जहरीला है कि खेत काले तालाब में बदलते जा रहे हैं। किसान बताते हैं कि इस पानी ने फसलों को बर्बाद कर दिया है। Lucknow pollution news
मवेशियों के लिए भी यह पानी बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। कई बार इसे पीने के बाद मवेशियों की तबीयत बिगड़ जाती है और उनकी मौत तक हो जाती है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि अगर यही हालात रहे तो खेती करना और मवेशी पालना दोनों ही नामुमकिन हो जाएगा। Lucknow pollution news
प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति?
गांव वालों का कहना है कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन से इस प्रदूषण की शिकायत की। शिकायत के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री पर 15 हजार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना भी लगाया था। लेकिन यह कार्रवाई केवल कागज़ों तक ही सीमित रही।
ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक ने अब तक प्रदूषण रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। न तो गैस और धुएं को फिल्टर करने की व्यवस्था की गई और न ही गंदे पानी को ट्रीट करने की।
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
ग्रामीणों की बढ़ रही बीमारियां
फैक्ट्री से फैल रहे प्रदूषण का सीधा असर ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत
लगातार सिर दर्द, सीने में जलन, आंखों में जलन
सांस लेने में दिक्कत और खांसी की शिकायत
कई ग्रामीणों को त्वचा संबंधी रोग
लोगों का कहना है कि अब तो गांव का हर परिवार किसी न किसी बीमारी से जूझ रहा है।
प्रदूषण से पेड़-पौधों और भूजल पर खतरा
फैक्ट्री से निकलने वाले जहरीले धुएं ने सिर्फ इंसानों को ही नहीं बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाया है। गांव में पेड़-पौधों की हालत खराब हो रही है। कई पौधे समय से पहले सूख रहे हैं और फसलें भी धीरे-धीरे नष्ट हो रही हैं।
गंदा पानी खेतों और तालाबों में जाने से भूजल पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में पीने का पानी भी जहरीला हो जाएगा। Lucknow pollution news
ग्रामीणों का सवाल – कब मिलेगी राहत?
गांव के लोगों ने कई बार फैक्ट्री प्रबंधन से सीधे शिकायत की लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। लोगों का कहना है कि जब तक प्रशासन सख्त कदम नहीं उठाएगा, तब तक हालात में सुधार की उम्मीद करना बेकार है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जुर्माने से कुछ नहीं होगा, बल्कि फैक्ट्री को या तो प्रदूषण रोकने की आधुनिक तकनीक अपनानी होगी या फिर इसे बंद करना पड़ेगा। Lucknow pollution news
विशेषज्ञों की राय
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लूकोज़ फैक्ट्री जैसे उद्योगों से निकलने वाले रसायन और गंदा पानी बेहद खतरनाक होते हैं। अगर इन्हें बिना ट्रीटमेंट के छोड़ा जाए तो यह भूजल, मवेशियों और इंसानों के लिए जहर साबित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों ने प्रशासन को चेताया है कि अगर इस समस्या को तुरंत हल नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में यहां कैंसर, सांस संबंधी गंभीर बीमारियां और अन्य घातक रोग तेजी से फैल सकते हैं। Lucknow pollution news
अब प्रशासन से बड़ी उम्मीद
गांव के हजारों लोग अब प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी समस्या का समाधान निकलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी हाल में अपने बच्चों का भविष्य इस जहरीले माहौल में नहीं बर्बाद होने देंगे। Lucknow pollution news
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन आखिर कब जागते हैं और पहाड़पुर समेत आसपास के गांवों को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाते हैं। Lucknow pollution news