छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में देर रात एक नर हाथी की मौत ने हड़कंप मचा दिया है। वन विभाग से लेकर प्रशासन तक की टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल हाथी की मौत का कारण साफ नहीं हो सका है। रविवार को वन विभाग की टीम ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की है, जिसके बाद असली वजह सामने आ पाएगी।
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घटनास्थल से उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक, रामानुजगंज के महावीरगंज जंगल किनारे हाथी का शव मिला है। यह वही इलाका है, जहां हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस जगह हाथी की मौत हुई है, वहां वह पहले भी कई बार पहुंच चुका था। इतना ही नहीं, कुछ महीने पहले हाथी ने पास के एक घर को नुकसान भी पहुंचाया था। Elephant death Cg
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी और मुनादी भी कराई थी, इसलिए लोग शनिवार शाम को ही अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगह चले गए थे। रविवार सुबह जब ग्रामीण लौटे तो हाथी की मौत की खबर मिली। Elephant death Cg
वन विभाग और प्रशासन अलर्ट
घटना की जानकारी मिलते ही वन अमला, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। एसडीएम और वन विभाग के अधिकारी ने घटनास्थल का जायजा लिया। Elephant death Cg
रामानुजगंज वन विभाग के एसडीओ अनिल पैकरा ने बताया कि यह हाथी शनिवार शाम वाड्रफनगर से होकर रामानुजगंज रेंज में आया था। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही थी और गांव-गांव मुनादी कराकर लोगों को अलर्ट किया जा रहा था। देर रात करीब 10 बजे सूचना मिली कि गम्हरिया बीट में नर हाथी मृत पाया गया है। Elephant death Cg
हाथी बिल्कुल हेल्दी दिख रहा था
वन विभाग का कहना है कि हाथी को देखकर यह बिल्कुल स्वस्थ नजर आ रहा है। किसी तरह की बीमारी या चोट के लक्षण नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम के बाद ही साफ होगा कि आखिर मौत किस वजह से हुई है। Elephant death Cg
इस मामले में विशेष डॉक्टरों की टीम भी बुलाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट बयान दिया जाएगा। Elephant death Cg
ग्रामीणों में डर का माहौल
हालांकि हाथी की मौत से इलाके में चर्चा का माहौल है, लेकिन ग्रामीण कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वजह यह है कि पिछले कई सालों से हाथियों की आवाजाही से गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। कई बार हाथियों ने खेतों को नुकसान पहुंचाया और घरों को भी तोड़ा है। Elephant death Cg
स्थानीय ग्रामीण बीरेंद्र ने बताया कि वन विभाग की चेतावनी के चलते वे लोग परिवार सहित गांव छोड़कर पास की बस्ती चले गए थे। “अगर हम लोग घर पर रहते तो शायद बड़ा हादसा हो सकता था। हमें सुबह ही हाथी की मौत की जानकारी मिली।”
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले की जांच चल रही है। वन विभाग का कहना है कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आती, तब तक मौत के कारणों को लेकर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। Elephant death Cg
जानकारों का मानना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही और इंसानी बस्तियों के पास आना एक गंभीर समस्या बन चुका है। इससे न सिर्फ इंसानों की सुरक्षा पर खतरा है, बल्कि जंगली हाथियों के जीवन पर भी असर पड़ रहा है। Elephant death Cg
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
रामानुजगंज रेंज में नर हाथी की मौत से जहां वन विभाग सकते में है, वहीं ग्रामीणों के मन में भी कई सवाल हैं। हाथी बिल्कुल स्वस्थ दिखाई दे रहा था, ऐसे में मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल प्रशासन और वन विभाग सतर्क है और जांच में जुटा हुआ है। Elephant death Cg
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