रविशंकर सोनी पन्ना/पवई। Ganesh Visarjan पवई नगर में इस बार गणेश विसर्जन का नजारा देखने लायक था। दस दिनों तक घर-घर और पंडालों में आराधना, पूजन और भजन-कीर्तन करने के बाद शनिवार की शाम नगर की गलियां पूरी तरह भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठीं। डोल-नगाड़ों की थाप, भक्ति गीतों की धुन और “गणपति बप्पा मोरया” के नारों ने माहौल को दिव्य बना दिया। Ganesh Visarjan
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गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, श्रद्धालु भी जुड़ते गए। कोई अपने सिर पर गजानन को उठाए हुए चल रहा था, तो कहीं ठेला, ट्रैक्टर-ट्रॉली और यहां तक कि बच्चों की साइकिल पर भी गणेश विराजमान थे। हर किसी के चेहरे पर आस्था और उमंग साफ झलक रही थी। Ganesh Visarjan
देर रात तक चलता रहा उत्सव का रंग
नगर में इस बार चार प्रमुख विसर्जन स्थल बनाए गए थे—पतने नदी पुल के पास, बाबा घाट, राजघाट और कलेही घाट। हर जगह श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। लोग गगनभेदी नारों के साथ नदी किनारे पहुंचे और परंपरा के अनुसार गणेश प्रतिमाओं को जल में विसर्जित किया। Ganesh Visarjan
विसर्जन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। हर कोई भावुक होकर बप्पा को विदाई दे रहा था। ढोल-नगाड़ों और जयकारों की गूंज से पूरा नगर गूंज उठा। नम आंखों और भरे दिल से लोगों ने बप्पा से अगले साल जल्दी आने की कामना की।
प्रशासन रहा अलर्ट, सुरक्षा के किए पुख्ता इंतजाम
भीड़ और उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। मुख्य विसर्जन स्थल पतने नदी पुल के पास तहसीलदार त्रिलोक सिंह पूसाम, थाना प्रभारी त्रिवेंद्र त्रिवेदी, नगर पंचायत अध्यक्ष बसंत दहायत, उपनिरीक्षक प्रमोद बागरी समेत पूरा पुलिस अमला मौजूद रहा। Ganesh Visarjan
पुलिस और चौकीदार लगातार भीड़ को नियंत्रित करते रहे ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। Ganesh Visarjan
रोशनी की कमी बनी परेशानी
हालांकि, इस बार विसर्जन मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था कमजोर रही। कई जगह अंधेरा रहने के कारण श्रद्धालुओं को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लेकिन भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। लोगों ने मोबाइल टॉर्च और लाइट का सहारा लेकर यात्रा जारी रखी। Ganesh Visarjan
बच्चों और युवाओं में दिखा खास जोश
विसर्जन यात्रा में बच्चों और युवाओं का उत्साह सबसे ज्यादा देखने को मिला। बच्चे अपने-अपने अंदाज में बप्पा की झांकियां सजा कर ला रहे थे। वहीं युवा ढोल और डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए बप्पा को विदा कर रहे थे। जगह-जगह महिलाएं भी आरती उतारती और पुष्प अर्पित करती दिखीं। Ganesh Visarjan
भावनाओं से जुड़ा यह उत्सव
गणेश विसर्जन सिर्फ धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि भावनाओं से भी जुड़ा होता है। दस दिनों तक परिवार के सदस्य की तरह घर-घर विराजमान गणपति बप्पा को विदा करते समय लोगों की आंखें नम हो गईं। बच्चों ने बप्पा से अगले साल जल्दी आने की दुआ की तो बुजुर्गों ने नगर की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। Ganesh Visarjan
भक्ति और उत्सव का संगम
पवई नगर में गणेश विसर्जन ने यह साफ कर दिया कि आज भी परंपराएं और धार्मिक आस्थाएं लोगों के दिलों में गहराई से बसी हुई हैं। भक्ति और उत्सव का यह संगम हर साल नगरवासियों को एक नई ऊर्जा देता है। Ganesh Visarjan
नगर के हर कोने में गूंजते जयकारों और भक्तिमय वातावरण ने इस उत्सव को और खास बना दिया। गजानन की विदाई के साथ ही पवई नगर का माहौल भक्ति और आस्था से भरा हुआ दिखाई दिया। Ganesh Visarjan
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