लखनऊ। Bio Medical Waste मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और स्वच्छता नियमों का पालन करने के निर्देश दे रहे हैं। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। राजधानी के बीकेटी क्षेत्र में स्थित मां चंद्रिका देवी हॉस्पिटल इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहा है। अस्पताल प्रबंधन पर आरोप है कि यहां बायोमेडिकल वेस्ट यानी मेडिकल कचरे को खुले में फेंका जा रहा है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
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खुले में पड़ा मेडिकल कचरा, कैमरे में कैद
बीकेटी के सीतापुर रोड थाना क्रॉसिंग के पास बने मां चंद्रिका देवी हॉस्पिटल के बाहर खुले में मेडिकल वेस्ट मिलने से स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। कैमरे में कैद हुई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि इस्तेमाल की हुई सिरिंज, बैंडेज, मास्क, ग्लव्स और पीपीई किट जैसे खतरनाक मेडिकल वेस्ट को अस्पताल प्रबंधन ने सामान्य कचरे के साथ डाल दिया है। Bio Medical Waste
सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि जहां यह गंदगी और मेडिकल कचरा डंप किया गया है, वहीं पास में मरीजों और उनके परिजनों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई है। यानी इलाज कराने आए लोग अनजाने में बीमारी के और ज्यादा शिकार हो सकते हैं। Bio Medical Waste
स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खुली
सरकार और स्वास्थ्य विभाग लगातार यह दावा करते हैं कि मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं और उनका सख्ती से पालन भी कराया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। मां चंद्रिका देवी हॉस्पिटल का मामला इस बात का साफ सबूत है कि अस्पतालों में नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। Bio Medical Waste
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की यह लापरवाही गंभीर खतरे का कारण बन सकती है। खुले में मेडिकल वेस्ट फेंकने से पूरे इलाके में संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। Bio Medical Waste
क्या होता है मेडिकल बायो वेस्ट? Bio Medical Waste
आम लोग मेडिकल वेस्ट की गंभीरता को ठीक से समझ नहीं पाते। लेकिन यह कचरा बेहद खतरनाक होता है। इसमें शामिल हैं:
इस्तेमाल की हुई सिरिंज और इंजेक्शन
गंदे बैंडेज और पट्टियां
पैथोलॉजी जांच के बाद बचा वेस्ट
पीपीई किट और मास्क
ग्लव्स और दवाओं के खाली रैपर Bio Medical Waste
ये सारी चीजें अगर खुले में पड़ी रहें तो इंसानों के साथ-साथ जानवरों के लिए भी खतरा बन सकती हैं।
मेडिकल वेस्ट से संक्रमण का खतरा
डॉक्टरों के मुताबिक अगर मेडिकल वेस्ट का सही तरीके से निस्तारण न किया जाए, तो यह एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसी खतरनाक बीमारियां फैला सकता है। खुले में पड़े इंजेक्शन या सिरिंज किसी कबाड़ी या राहगीर को चुभ जाएं तो संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
इतना ही नहीं, बारिश के मौसम में खुले में पड़ा मेडिकल वेस्ट नालियों और पानी के जरिए पूरे इलाके में बीमारी फैलाने का कारण बन सकता है। यह न केवल मरीजों के लिए बल्कि आसपास रहने वाले आम लोगों के लिए भी बड़ा खतरा है।
स्वास्थ्य विभाग ने जताई गंभीरता
मामले पर जब स्वास्थ्य विभाग से बात की गई, तो बीकेटी सीएचसी अधीक्षक डॉ. जे.पी. सिंह ने कहा कि “हॉस्पिटल द्वारा खुले में मेडिकल वेस्ट फेंके जाने की शिकायत मिली है। टीम भेजकर मौके की जांच की जाएगी और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।”
उनके बयान से साफ है कि विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ जांच और चेतावनी से हालात सुधरेंगे, या फिर सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
स्थानीय लोगों की नाराजगी
इलाके के लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही अब बर्दाश्त से बाहर है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण नहीं किया गया तो पूरा इलाका बीमारियों की चपेट में आ सकता है। कई लोगों ने मांग की है कि ऐसे अस्पतालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए और दोबारा गलती करने पर उनका लाइसेंस भी रद्द किया जाए।
सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
एक तरफ सरकार “स्वच्छ भारत मिशन” और “स्वस्थ उत्तर प्रदेश” जैसे अभियान चला रही है, दूसरी तरफ निजी अस्पताल इस तरह के कृत्य कर रहे हैं। यह स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है।
अगर ऐसे अस्पतालों पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश और सरकारी नियम सिर्फ कागजों में ही रह जाएंगे। Bio Medical Waste
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Bio Medical Waste मां चंद्रिका देवी हॉस्पिटल का यह मामला पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। यह सिर्फ एक अस्पताल की लापरवाही नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग सिर्फ जांच कर मामला दबा देगा या फिर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई करेगा। Bio Medical Waste