मथुरा। Ration Scam Govardhan ग्रामीण इलाकों में अक्सर राशन वितरण की गड़बड़ियों की खबरें सामने आती रहती हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है गोवर्धन तहसील के ग्राम पंचायत पाली डूंगरा के गांव भदार से, जहां ग्रामीणों ने राशन डीलर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गंभीर आरोप लगाए।
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(Mathura: Irregularities in ration distribution are often reported from rural areas, and a similar case has now come to light in Bhadar village under Gram Panchayat Pali Doongra of Govardhan Tehsil. Here, villagers staged a strong protest against the ration dealer and leveled serious allegations.) Ration Scam Govardhan
गांव वालों का कहना है कि पिछले चार महीने से उन्हें सरकारी राशन नहीं दिया गया है। इस समस्या से तंग आकर दर्जनों ग्रामीण एकजुट होकर एसडीएम गोवर्धन के कार्यालय पहुंचे और वहां प्रार्थना पत्र सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई। Ration Scam Govardhan
ग्रामीणों का आरोप – दबंगई और अभद्रता
गांववालों का कहना है कि राशन डीलर विमला देवी का बेटा राहुल कुमार, जब भी कोई ग्रामीण राशन लेने पहुंचता है, तो उनसे अभद्रता करता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वह गाली-गलौज करने के साथ-साथ दबंगई भी दिखाता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि राहुल खुलकर कहता है – “अधिकारी तो हमारे हैं, तुम जो करना है कर लो।” Ration Scam Govardhan
ग्रामीणों का कहना है कि डीलर के बेटे का यह रवैया न केवल असंवेदनशील है, बल्कि खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कहीं न कहीं इसमें मिलीभगत की बू आ रही है। Ration Scam Govardhan
SDM ने दिया तत्काल एक्शन का भरोसा
ग्रामीणों की समस्या सुनते ही एसडीएम गोवर्धन ने प्रार्थना पत्र खाद्य अधिकारी को सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी गरीब परिवार को उसके हक का राशन वंचित नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर डीलर के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।
खाद्य अधिकारी का बयान
मीडिया द्वारा जब इस मामले में खाद्य अधिकारी सिम्मी जायसवाल से बात की गई तो उन्होंने कहा –
“मामले की पूरी तरह निष्पक्षता से जांच की जाएगी। यदि राशन डीलर दोषी पाई जाती हैं तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए लाइसेंस तक रद्द कर दिया जाएगा।” Ration Scam Govardhan
गरीबों के हक पर डाका?
गांव भदार के ग्रामीण बताते हैं कि जब से डीलर ने राशन देना बंद किया है, तब से कई गरीब परिवारों को खाने-पीने की भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोग कहते हैं कि कई बार उन्होंने अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब जाकर सामूहिक रूप से शिकायत करने पर उन्हें उम्मीद जगी है कि शायद अब न्याय मिलेगा। Ration Scam Govardhan
लोगों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि सरकारी योजनाएं गरीबों और जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन अगर डीलर ही राशन रोककर रख लेगा तो लोगों का जीना मुश्किल हो जाएगा। वहीं युवाओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही डीलर पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
सवालों के घेरे में खाद्य विभाग
इस पूरे मामले ने खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि आखिर चार महीने तक अधिकारियों की नजर इस गड़बड़ी पर क्यों नहीं पड़ी? क्या विभाग ने कभी जांच की कि गांव के लोगों को समय पर राशन मिल रहा है या नहीं?
अब क्या होगा आगे?
अब ग्रामीणों की निगाहें खाद्य विभाग की जांच पर टिकी हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए गए, तो डीलर के खिलाफ न केवल कार्रवाई होगी बल्कि ग्रामीणों को उनका बकाया राशन भी दिलाया जाएगा।
फिलहाल, इस घटना ने गांव के आम लोगों की परेशानियों और सरकारी योजनाओं में हो रही अनियमितताओं को फिर से उजागर कर दिया है। ग्रामीणों की यही मांग है कि उन्हें सिर्फ उनका हक मिले और अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लें।
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