बालोद। rajat jayantee kvij pratiyogita छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को 25 साल पूरे होने पर पूरे प्रदेश में रजत जयंती महोत्सव का जश्न मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में बालोद जिले के विकासखंड बालोद अंतर्गत शा.प्रा.शाला बरहीपारा (सकुल-बरही) में भी 1 सितंबर 2025 को खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर यहां व्यावसायिक कौशल विकास क्विज प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
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इस क्विज का उद्देश्य बच्चों को न सिर्फ पढ़ाई से जोड़ना था बल्कि उन्हें यह भी बताना था कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने शिक्षा, संस्कृति, रोजगार, विज्ञान और राजनीति के क्षेत्र में कितनी प्रगति की है। बच्चों को यह मौका मिला कि वे राज्य की परंपरा और उपलब्धियों को क्विज के माध्यम से समझें और अपने ज्ञान को प्रदर्शित करें। rajat jayantee kvij pratiyogita
प्रश्न पूछे गए छत्तीसगढ़ की संस्कृति और इतिहास से
क्विज प्रतियोगिता की शुरुआत उत्साह से हुई। इस दौरान शिक्षिका पुष्पलता साहू और बरही की सरपंच महोदया श्रीमती ममता सिन्हा ने बच्चों से सवाल पूछे। सवालों का दायरा छत्तीसगढ़ की संस्कृति, इतिहास, राजनीति, शिक्षा, विज्ञान और रोजगार जैसे विषयों से जुड़ा रहा। बच्चों ने आत्मविश्वास से जवाब दिए और दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।
निर्णायक मंडल में स्कूल अध्यक्ष श्रीमती दुलेश्वरी कुंजाम और श्रीमती अलसो बाई कुंजाम शामिल रहीं, जिन्होंने निष्पक्ष रूप से विजेताओं का चयन किया। rajat jayantee kvij pratiyogita
विजेताओं ने बढ़ाया गांव का मान https://dainikhistory.com/
प्रतियोगिता में बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया।
कुमारी द्रोणा ने पहला स्थान प्राप्त किया।
चैतन्य कुमार और कुमारी लीना सलाम ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया।
विजेताओं की घोषणा होते ही बच्चों के चेहरे पर खुशी झलक उठी और पूरा माहौल तालियों से गूंज उठा।
बच्चों को मिला प्रोत्साहन और सम्मान rajat jayantee kvij pratiyogita
कार्यक्रम के अंत में विजेता बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षिका पुष्पलता साहू ने कापी और पेन भेंट किए। वहीं सरपंच महोदया ममता सिन्हा ने न सिर्फ सभी बच्चों को कापी-पेन दिया, बल्कि उनकी शैक्षणिक गतिविधियों से प्रभावित होकर सम्मान राशि भी भेंट की। यह पल बच्चों के लिए बेहद खास रहा क्योंकि इसने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया।
पालकों और ग्रामवासियों की उपस्थिति
इस आयोजन में बच्चों के पालकों और ग्रामवासियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्रीमती पूर्णिमा सलाम, श्रीमती उषा सलाम, श्रीमती ट्विंकल कुंजाम और तोसन सिन्हा की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। सभी ने बच्चों के प्रयासों की सराहना की और इस तरह के आयोजनों को बच्चों के भविष्य के लिए जरूरी बताया। rajat jayantee kvij pratiyogita
शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश
इस क्विज प्रतियोगिता से एक बात साफ हो गई कि ग्रामीण अंचल के बच्चे भी किसी से कम नहीं हैं। जब उन्हें अवसर मिलता है, तो वे अपनी प्रतिभा दिखाने से पीछे नहीं रहते। सरपंच और शिक्षकों का सहयोग बच्चों के लिए प्रेरणादायी साबित हुआ।
यह आयोजन न सिर्फ प्रतियोगिता था बल्कि बच्चों को छत्तीसगढ़ की जड़ों से जोड़ने और उनके भविष्य के सपनों को पंख देने का माध्यम भी बना।
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