सय्यद आफ़ताब अली शाजापुर। Electricity workers submitted a memorandum पश्चिम क्षेत्र बिजली कर्मचारी महासंघ और शाजापुर मजदूर संघ ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि अब वेतन, पेंशन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चुप बैठना संभव नहीं है। अगर उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाने को मजबूर होंगे।
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महासंघ के पदाधिकारियों ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि लंबे समय से बिजली कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। इस वजह से कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है और कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
6 सूत्रीय मांगों में क्या है शामिल?
ज्ञापन में रखी गई मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जाए।
- वेतन और पेंशन में वृद्धि की जाए।
- संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
- आउटसोर्स कर्मचारियों को कंपनियों की सेवा में शामिल किया जाए।
- बिजली कर्मचारियों के लिए ठोस और उचित नीति बनाई जाए।
- महंगाई भत्ता समय-समय पर अविलंब स्वीकृत किया जाए।Electricity workers submitted a memorandum
कर्मचारियों ने जताई नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान बिजली कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि दिन-रात मेहनत करने के बावजूद उनकी अनदेखी की जाती है। कई बार कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ जाती है, लेकिन सुरक्षा उपकरण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं।https://dainikhistory.com/
महासंघ के जिला अध्यक्ष अशोक राठौर ने साफ कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारियों के बिना देश की ऊर्जा व्यवस्था ठप हो जाएगी। उन्होंने कहा – “हम देशहित में पूरी जिम्मेदारी से काम करते हैं, लेकिन बदले में हमें पूरा हक भी मिलना चाहिए। अगर हमारी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो हमें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।”
क्यों अहम हैं ये मांगें?
बिजली कर्मचारी लगातार फील्ड में काम करते हैं। ट्रांसफॉर्मर मरम्मत, बिजली लाइन सुधार और आपातकालीन सेवाओं में वे हर वक्त तत्पर रहते हैं। ऐसे में सुरक्षा उपकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव उनके जीवन पर सीधा खतरा बन जाता है। वहीं, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थाई नौकरी न मिल पाने से उनके भविष्य पर सवाल खड़े हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बिजली कर्मचारियों की मांगों पर गौर नहीं किया गया तो इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। साथ ही कर्मचारियों में असंतोष बढ़ने से कामकाज प्रभावित होगा।Electricity workers submitted a memorandum
आंदोलन की तैयारी
महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया, तो जिलेभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि अब वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।Electricity workers submitted a memorandum