जितेंद्र साहू धमतरी kamar tribe development ग्राम पंचायत सांकरा के आश्रित ग्राम मसानडबरा में मंगलवार को एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने किया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सांकरा के सरपंच नागेंद्र बोरझा भी मौजूद रहे।
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(A special public awareness program was organized on Tuesday in Masanadbara, a dependent village of Gram Panchayat Sankara. During the program, District Panchayat President Arun Sarwa inspected the houses under construction under the Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY). Gram Panchayat Sankara Sarpanch Nagendra Borzha was also present on the occasion.)
kamar tribe development
यह कार्यक्रम खासतौर पर अति पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के लिए रखा गया था। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी जरूरतों और समस्याओं को समझा। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि समाज के हर अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
स्वच्छता और शिक्षा पर दिया जोर
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सरकारी योजनाओं के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि साफ-सफाई और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने बीमारियों से बचा जा सकता है।
साथ ही बच्चों की पढ़ाई और पोषण पर भी विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा ही वह रास्ता है जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य उज्जवल बनाया जा सकता है।https://dainikhistory.com/
कमार जनजाति को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
कमार जनजाति को अब भी समाज की अति पिछड़ी जनजातियों में गिना जाता है। उनकी आजीविका, रहन-सहन और जीवनशैली बाकी समाज से काफी अलग है। इसको देखते हुए अधिकारियों ने ग्रामीणों को जागरूक किया कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन स्तर में सुधार ला सकते हैं।
(The Kamar tribe is still considered one of the most backward communities in society. Their livelihood, lifestyle, and way of living are quite different from the rest of the community. Keeping this in mind, officials made the villagers aware that they can improve their standard of living by availing the benefits of government schemes.)
जिला पंचायत अध्यक्ष ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना, जनमन योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इससे उनके आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति बेहतर होगी और वे मुख्यधारा में आकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
योजनाओं को हर जरूरतमंद तक पहुंचाने का संदेश
इस अवसर पर यह भी स्पष्ट किया गया कि शासन की योजनाएं केवल कागजों पर नहीं हैं, बल्कि सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा –
“कमार जनजाति हमारे समाज का हिस्सा है और उन्हें भी वही सुविधाएं मिलनी चाहिए जो मुख्यधारा के लोगों को मिलती हैं। हम सबकी जिम्मेदारी है कि उन्हें योजनाओं से जोड़कर उनका विकास सुनिश्चित करें।”
ग्रामीणों की समस्याओं पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने अपनी दैनिक समस्याओं जैसे बिजली, पानी, सड़क और रोजगार के अवसरों की कमी को भी साझा किया। इस पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी बिंदुओं पर कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत सरपंच नागेंद्र बोरझा ने भी ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पंचायत स्तर पर सभी समस्याओं का समाधान निकालने की पूरी कोशिश की जाएगी।
मसानडबरा में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल योजनाओं के निरीक्षण तक सीमित रहा, बल्कि यह ग्रामीणों को जागरूक करने और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का एक बड़ा कदम भी साबित हुआ। इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में कमार जनजाति के लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा और वे भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ पाएंगे।
(In Masanadbara, District Panchayat President Arun Sarwa inspected the houses under construction under the Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY))