three deaths while saving cow सोमवार की शाम करीब 4 बजे, रायसेन जिले के उदयपुरा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। ग्राम सिलारी और सतेहरी मोड़ के बीच जियो पेट्रोल पंप के पास अचानक सड़क पर गाय आ गई। कार चालक ने गाय को बचाने की कोशिश की, लेकिन इसी चक्कर में कार (नंबर MP09 ZU 4619) अनियंत्रित होकर सीधे पुलिया से जा टकराई।
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(Three people died and one was seriously injured in the accident. Questions are being raised on the negligence of the administration.)
three deaths while saving cow
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से में आग लग गई। कार में सवार एक महिला और तीन पुरुष अंदर ही फंस गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे
जैसे ही हादसे की खबर फैली, प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। एसडीएम संतोष मुदगल, एसडीओपी कुँवरसिंह मुकाती, तहसीलदार दिनेश बरगले और उपनिरीक्षक केशव शर्मा ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला। सभी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उदयपुरा भेजा गया।
कौन थे कार में सवार?
कार में कुल चार लोग सवार थे—
रवि गढ़वाल (70 वर्ष), निवासी इंदौर
सुमित गढ़वाल (40 वर्ष), चालक और रवि गढ़वाल के बेटे
लक्ष्मी वाई (38 वर्ष)
एक अन्य अज्ञात व्यक्ति
मिली जानकारी के अनुसार, रवि गढ़वाल और उनका परिवार इंदौर से अपने किसी रिश्तेदार के यहां नरसिंहपुर में हुए शोक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। सोमवार को वे वापस लौट रहे थे कि यह बड़ा हादसा हो गया।
हादसे में हुई मौतें और घायल
रवि गढ़वाल और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।
गंभीर घायल लक्ष्मी वाई और चालक सुमित गढ़वाल को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया।
रायसेन रेफर किए जाने के बाद वहां इलाज के दौरान एक और व्यक्ति की मौत हो गई।
फिलहाल एक गंभीर घायल का इलाज चल रहा है।
उदयपुरा ब्लॉक मेडिकल अधिकारी महेंद्र धाकड़ ने बताया कि “इस हादसे में दो लोगों की मौत उदयपुरा में हो चुकी थी, जबकि तीसरे व्यक्ति ने रायसेन अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक गंभीर घायल का इलाज अभी जारी है।”
शव को निकालने में हुई मशक्कत
हादसा इतना भयानक था कि टक्कर के बाद कार का अगला पहिया बाहर निकल गया और हेडलाइट लगभग 20 फीट दूर जा गिरी। इंजन का हिस्सा पूरी तरह पीछे धंस गया। सबसे ज्यादा मशक्कत कार के अगले हिस्से में फंसे रवि गढ़वाल के शव को निकालने में करनी पड़ी। लोग बताते हैं कि यह दृश्य बेहद भयावह था।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
गौर करने वाली बात यह है कि कुछ दिन पहले ही रायसेन कलेक्टर ने आदेश दिया था कि नेशनल हाईवे पर गायों और मवेशियों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। बावजूद इसके, NH-45 पर मवेशियों का विचरण लगातार जारी है और लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।https://dainikhistory.com/raisen/the-collectors-strict-order-to-stop-the-cow-dynasty-accident-in-raisen-with-the-strict-order-with-the-removal-of-cattle-from-the-roads-cattle-and-passengers-will-be-safe/
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने कलेक्टर के आदेश का पालन सख्ती से करवाया होता, तो शायद यह तीन जिंदगियां बच सकती थीं।
लापरवाही या मजबूरी?
यह पहला मौका नहीं है जब रायसेन में सड़क पर आवारा मवेशियों के कारण हादसा हुआ हो। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन केवल आदेश जारी कर देता है, लेकिन उसकी जमीनी हकीकत पर अमल नहीं हो पाता। NH-45 पर रोजाना सैकड़ों वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। ऐसे में अचानक सामने आ जाने वाले मवेशियों से बचना मुश्किल हो जाता है।
लोगों ने मांग की है कि:
हाईवे पर नियमित गश्त की जाए।
मवेशियों को पकड़ने और गौशालाओं में भेजने की जिम्मेदारी तय हो।
दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की जाए।
लोगों में गुस्सा और दुख
हादसे की खबर सुनते ही क्षेत्र में मातम छा गया। इंदौर से आए गढ़वाल परिवार के रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग भी इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है, ताकि आगे किसी और परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।https://www.facebook.com/share/17MLwqqNUg/
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने ज़ीरो पर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, गंभीर घायल के बयान से भी घटना की और स्पष्टता मिलेगी।