रायपुर/जगदलपुर। development of tribals छत्तीसगढ़ के वनमंत्री केदार कश्यप ने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने राज्य के विकास को लेकर खास बातचीत की, जिसमें खासकर बस्तर क्षेत्र के आदिवासियों का सर्वांगीण विकास, वन आधारित रोजगार और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने जैसे अहम मुद्दे शामिल रहे।
वनमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान, हाथी-मानव द्वंद समाधान और वन क्षेत्रों में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों पर भी गंभीरता से बातचीत हुई। मंत्री कश्यप ने केंद्रीय मंत्री को इन योजनाओं से जुड़े अनुभव और चुनौतियों से अवगत कराते हुए आवश्यक सहयोग की मांग रखी।
नक्सलमुक्त बस्तर में विकास और रोजगार की नई राह
मुलाकात के बाद मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बस्तर अब नक्सल मुक्त हो चुका है और यहां के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बस्तर छत्तीसगढ़ का सर्वाधिक वन आच्छादित इलाका है, जहाँ वन आधारित उद्योग स्थापित कर आदिवासी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
इसी क्रम में उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर की खूबसूरत इंद्रावती नदी, कांगेर घाटी, चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात जैसे प्राकृतिक स्थल इको-टूरिज्म के लिए आदर्श हैं। अगर इन्हें विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो यहां स्थानीय लोगों को रोजगार के बड़े अवसर मिलेंगे।
बस्तर आने का न्योता
मंत्री कश्यप ने इस मुलाकात के दौरान केंद्रीय वनमंत्री भूपेंद्र यादव को बस्तर आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक संपदा पूरे देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर न सिर्फ पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा, बल्कि यहां के युवाओं और आदिवासियों का जीवन भी बेहतर होगा।
केंद्र की प्रतिबद्धता और प्रदेश की उम्मीदें
केंद्रीय वनमंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस दौरान आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों और वहां के लोगों के विकास में केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। मंत्री कश्यप ने कहा कि यह मुलाकात बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सकारात्मक संकेत है, जिससे आने वाले समय में वन आधारित उद्योग, स्वरोजगार योजनाएं और इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट तेजी से आकार लेंगे।