फरसगांव । महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध पर त्वरित और सख्त कार्रवाई का दावा एक बार फिर सच साबित हुआ है। फरसगांव थाना पुलिस ने बड़ी तत्परता दिखाते हुए अपने ही रिश्तेदार के साथ छेड़छाड़ और मारपीट करने वाले आधेड़ उम्र के आरोपी को महज चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में राहत और भरोसे का माहौल बना है।
मामला क्या है?
जानकारी के मुताबिक, फरसगांव थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पति की मृत्यु के बाद उसका एक रिश्तेदार लगातार उस पर बुरी नजर रखता है। महिला का आरोप है कि आरोपी बार-बार उसके साथ रहने की जबरदस्ती करता था और इनकार करने पर धमकियां भी देता था।
14 जुलाई को आरोपी फागूराम मण्डावी (55 वर्ष) महिला के घर में जबरन घुसा और उसके साथ अश्लील हरकत करते हुए जबरदस्ती संबंध बनाने की कोशिश करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने महिला को जमीन पर पटक दिया और मारपीट की। यही नहीं, आरोपी लगातार मौके की तलाश में महिला के घर आता और कपड़े उतारने की कोशिश करता था।
दोबारा की हरकत और FIR दर्ज
23 अगस्त को सुबह करीब 11 बजे आरोपी फागूराम शराब के नशे में महिला के घर पहुंचा और उसके साथ फिर से जबरदस्ती करने लगा। उसने महिला के हाथ-पैर पकड़कर खींचतान की और कपड़े उतारने की कोशिश की। इस दौरान जब महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने धक्का-मुक्की कर उसके साथ मारपीट की।
थाना फरसगांव में पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर अपराध क्रमांक 109/2025 दर्ज किया गया। आरोपी पर धारा 74, 75(1)(i)(ii), 76, 333 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस की तेज कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कोण्डागांव येदुवल्ली अक्षय कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी फरसगांव अभिनव उपाध्याय के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी संजय सिंन्दे के नेतृत्व में टीम ने आरोपी को 24 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस आरोपी को जेल भेजने की तैयारी कर रही है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संजय सिन्दे, महिला प्रधान आरक्षक बीना मण्डावी, आरक्षक मनोज वट्टी और नारायण शार्दूल की उल्लेखनीय भूमिका रही।
महिलाओं की सुरक्षा पर संदेश
इस घटना से साफ है कि पुलिस महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। फरसगांव की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस तुरंत और सख्त कदम उठा रही है।