फरसगांव में शनिवार, 23 अगस्त को शिक्षिका स्व. सुखबीर कौर की 5वीं पुण्यतिथि पर उनके परिवार द्वारा एक विशेष आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनके पढ़ाए गए जनपद प्राथमिक स्कूल के बच्चों के लिए न्योता भोज आयोजित किया गया। स्व. सुखबीर कौर लंबे समय तक इस स्कूल में कार्यरत रही थीं और पूरे नगर में उन्हें “बड़ी बहन जी” के नाम से जाना जाता था।
स्व. सुखबीर कौर का शिक्षा के प्रति समर्पण और अपने विद्यार्थियों के लिए उनका लगाव बेहद प्रशंसनीय था। उनके परिजन इस पुण्यतिथि को यादगार बनाने के लिए बच्चों के लिए स्वादिष्ट भोजन का आयोजन कर उन्हें खुश करने का प्रयास किया। स्कूल में इस अवसर पर बच्चों, शिक्षकों और उनके परिवारिक मित्रों की भी उपस्थिति रही।
इस न्योता भोज में बच्चों ने बड़े उत्साह और आनंद के साथ भाग लिया। स्कूल के शिक्षक और अन्य स्टाफ ने भी इस मौके पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि स्व. सुखबीर कौर हमेशा अपने विद्यार्थियों की भलाई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए चिंतित रहती थीं। इस कार्यक्रम में उनकी यादें फिर से ताजा हो गईं और बच्चों ने भी अपने शिक्षिका की याद में यह अवसर खुशनुमा बना दिया।
स्व. सुखबीर कौर ने अपने कार्यकाल में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी विकसित किया। उनके द्वारा पढ़ाए गए विद्यार्थी आज भी उन्हें आदर्श के रूप में याद करते हैं। उनके परिवार ने इस पुण्यतिथि पर यह न्योता भोज आयोजित कर न केवल उनकी याद को सम्मानित किया, बल्कि बच्चों में साझा खाने और मिलकर आनंद लेने की भावना भी जगाई।
कार्यक्रम में स्कूल परिसर सजाया गया था और बच्चों को स्वादिष्ट भोजन परोसा गया। साथ ही शिक्षकों और उनके साथियों ने स्व. सुखबीर कौर की शिक्षा, उनके आदर्श और उनके योगदान पर चर्चा की। बच्चों ने भी इस अवसर पर उनके साथ बिताए गए समय और शिक्षाओं को याद किया।
स्व. सुखबीर कौर के परिवार ने कहा कि यह आयोजन उनके शिक्षिका के प्रति सम्मान और स्नेह को दर्शाने का एक प्रयास है। उन्होंने बताया कि उनका सपना था कि हर बच्चा न केवल पढ़ाई में आगे बढ़े, बल्कि सामाजिक और नैतिक रूप से भी विकसित हो। इस न्योता भोज ने उनके सपने की याद दिलाई और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ला दी।
अंत में यह आयोजन न केवल स्व. सुखबीर कौर की याद में एक भावपूर्ण कार्यक्रम था, बल्कि यह बच्चों और शिक्षकों के बीच आपसी स्नेह और आदर को भी मजबूत करने का अवसर बना। उनके योगदान और यादों को याद करते हुए, यह कार्यक्रम एक प्रेरणा बन गया कि शिक्षक अपने विद्यार्थियों के जीवन में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं।
इस तरह फरसगांव में स्व. सुखबीर कौर की पुण्यतिथि पर आयोजित यह न्योता भोज बच्चों और शिक्षकों के लिए यादगार और हृदयस्पर्शी अवसर साबित हुआ।