कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर पूरे प्रदेश में रजत महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में कांकेर जिले में भी महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 20 अगस्त से 28 अगस्त तक लगातार विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना है।
रैलियों और दीवार लेखन से जागरूकता
जिले में रैलियां निकालकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं दीवार लेखन और महिला समूहों की बैठकों के जरिए भी संदेश पहुंचाया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल मेलों का आयोजन बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।
महिलाओं और बालिकाओं के लिए विशेष कार्यक्रम
महिला समूहों और छात्राओं को महिला एवं बाल अधिकारों, साइबर फ्रॉड से बचाव और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जा रही है। स्कूलों में जाकर छात्राओं को कानूनों और योजनाओं की जानकारी दी जा रही है ताकि वे आत्मनिर्भर और जागरूक बन सकें।
मेधावी बालिकाओं को मिलेगा सम्मान
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि रजत महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम में हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) और हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया जाएगा। इतना ही नहीं, राज्य स्तर पर रायपुर में भी जिले की प्रतिभाशाली बालिकाओं का विशेष सम्मान किया जाएगा।
योजनाओं का लाभ पहुंचाने में तेजी
महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब तक 950 से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अब तक लगभग 256 महिलाओं के आवेदन पत्र चिन्हित कर राज्य स्तर पर भेजे जा चुके हैं।
विभाग की 25 साल की उपलब्धियां
रजत महोत्सव के इस मौके पर विभाग पिछले 25 वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों को भी लोगों तक पहुंचा रहा है। विभाग की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की विशेष भूमिका रही है।
जिले में चल रही ये गतिविधियां न केवल महिलाओं और बच्चों को जागरूक कर रही हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, शिक्षा और समानता के संदेश को भी मजबूत कर रही हैं। आने वाले दिनों में इन कार्यक्रमों से हजारों परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।