मथुरा। यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से मथुरा जिले के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। खासकर महावन क्षेत्र के नगला अकोस गांव की स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां नदी का पानी गांव के रास्ते काट चुका है। इससे लोगों के सामने आने-जाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भारी परेशानी खड़ी हो गई है।
इस आपदा के बीच मथुरा प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाई जा रही है। प्रशासन की ओर से खाने-पीने की सामग्री, राशन और जरूरी सामान गांव-गांव पहुंचाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी परिवार को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा।
डीएम समेत जनप्रतिनिधियों ने लिया हालात का जायजा
शनिवार को जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, बलदेव विधायक पूर्ण प्रकाश, सांसद प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पंकज कुमार वर्मा और महावन तहसील की उप जिलाधिकारी कंचन गुप्ता मौके पर पहुंचे। सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गांव का निरीक्षण किया और बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत की।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने गांववासियों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर समय उनके साथ खड़ा है। उन्होंने अपील की कि लोग नदी के किनारे न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। डीएम ने कहा कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा और अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि राहत व पुनर्वास में कोई कोताही न बरती जाए।
गांववासियों को ओवरब्रिज का भरोसा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को एक बड़ी राहत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गांव को जोड़ने के लिए ओवरब्रिज का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। यमुना नदी का जलस्तर कम होने और शासन से मंजूरी मिलते ही पुल निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे गांव तक आने-जाने में लोगों को स्थायी समाधान मिलेगा और बार-बार की समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।
प्रशासन का लगातार प्रयास
इस समय प्रशासन ने गांव-गांव में टीम लगाई है, जो लगातार लोगों तक खाने-पीने की चीजें पहुंचा रही हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है, ताकि किसी को किसी भी तरह की दिक्कत न हो।
डीएम ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से कटिबद्ध है और किसी भी गांववासी को परेशानी में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
गांववासियों की प्रतिक्रिया
गांव नगला अकोस के लोगों ने राहत सामग्री मिलने पर संतोष जताया और प्रशासन से अपील की कि जल्द से जल्द ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बाढ़ आने पर गांव का संपर्क टूट जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ती है।