गोवर्धन (मथुरा): राधाकुंड में गुरुवार को पंडा समाज के लोगों ने जमकर हंगामा किया। सैकड़ों की संख्या में पंडा समाज के सदस्य गोवर्धन थाने पहुंचे और थाना अध्यक्ष रवि त्यागी से मिलकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि यमुना पार के रहने वाले हरिओम गोस्वामी और उनके बेटे विकास गोस्वामी ने राधाकुंड में जबरन पंडागिरी शुरू कर दी है।
पंडा समाज का कहना है कि ये लोग राधाकुंड के स्थायी निवासी नहीं हैं, लेकिन संगम क्षेत्र में आकर न केवल श्रद्धालुओं से पंडागिरी के नाम पर पैसे वसूलते हैं, बल्कि वहां सेवा कर रहे पंडों के साथ अभद्रता और मारपीट भी करते हैं।
पंडा समाज का आरोप — “बाहरी हैं, जबरन कब्जा करना चाहते हैं”
पंडा समाज के बुजुर्गों ने बताया कि उनके परिवार पीढ़ियों से राधाकुंड संगम पर पूजा, पंडागिरी और धार्मिक अनुष्ठानों की सेवा करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि हरिओम गोस्वामी और उनका बेटा विकास कई सालों पहले राधाकुंड में आए और यहां मकान बना लिया। अब ये लोग खुद को स्थायी निवासी बताकर पंडा समाज के काम में दखल देने लगे हैं।
पंडा समाज के सदस्यों ने कहा,
“हम लोग परंपरागत रूप से श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं, लेकिन हरिओम और उसका बेटा यहां आकर जबरन पंडागिरी कर रहे हैं। ये न केवल श्रद्धालुओं से पैसे वसूलते हैं, बल्कि हम लोगों से अभद्रता और मारपीट भी करते हैं। ऐसे बाहरी लोगों को राधाकुंड संगम पर पंडागिरी करने का कोई अधिकार नहीं है।”
दूसरे पक्ष का जवाब — “हमें ही परेशान किया जा रहा है”
जब इस मामले में हरिओम गोस्वामी के परिवार से बात की गई, तो उन्होंने पंडा समाज के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। हरिओम के बेटे विकास गोस्वामी ने कहा कि उनका परिवार राधाकुंड में कई सालों से रह रहा है और वहां धार्मिक अनुष्ठान करता है।
विकास ने आरोप लगाया,
“पंडा समाज के लोग ही हमें परेशान करते हैं। मेरे पिता यहां हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, लेकिन ये लोग उन्हें रोकते हैं। यहां तक कि कई बार उन्हें लात मारकर भगाने की भी कोशिश की गई है।”
पुलिस जांच में जुटी, दोनों पक्षों से पूछताछ जारी
थाना अध्यक्ष रवि त्यागी ने बताया कि पंडा समाज और हरिओम गोस्वामी के परिवार दोनों की शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि
“जांच पूरी होने के बाद ही तय होगा कि किस पक्ष की गलती है। अगर जबरन वसूली, मारपीट या अभद्रता साबित होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
पंडा समाज के प्रमुख लोग रहे मौजूद
थाने पहुंचे पंडा समाज के लोगों में कन्हैयालाल, बंटू शर्मा, भोले शंकर, श्याम सुंदर शर्मा, रामेश्वर, कन्हैया लाल गोस्वामी, दान बिहारी, बांके गोस्वामी समेत कई वरिष्ठ लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि बाहरी लोगों को संगम पर पंडागिरी करने से रोका जाए और श्रद्धालुओं से हो रही जबरन वसूली पर कार्रवाई की जाए।