बस्तर। जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने जमीन दिलाने के नाम पर एक रिटायर्ड कर्मचारी से 10 लाख रुपये की ठगी की थी। आरोपी की पहचान दिलीप कुमार नाग उर्फ दिलीप सांवरा (48 वर्ष), निवासी भिरलिंगा बयागुड़ा पारा, थाना बस्तर के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग व नगर पुलिस अधीक्षक धोत्रे सुमित कुमार के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, वहीं उसका एक साथी अभी फरार है जिसकी तलाश जारी है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता हरिनंदन सिंह (64 वर्ष), निवासी चंद्रशेखर वार्ड, लाल बाग, जगदलपुर ने पुलिस को बताया कि वह सन 2020-21 में रिटायरमेंट के समय रहने के लिए जमीन तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात बोरपदर के वैधनाथ ठाकुर से हुई। वैधनाथ ने उन्हें जानकारी दी कि बयागुड़ा टोल नाका के पास तीन एकड़ जमीन है, जिसे दिलीप सांवरा कास्त कर रहा है और वह इसे बेचने को तैयार है।
इस पर हरिनंदन ने दिलीप से जमीन खरीदने का सौदा कर लिया। सौदे के तहत उन्होंने दिलीप को करीब 7 लाख रुपये ऑनलाइन बैंक खाते में और 3 लाख रुपये नगद दिए। पैसे मिलने के बाद भी आरोपी ने जमीन पर कब्जा नहीं दिया, बल्कि वही जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी।
जब हरिनंदन सिंह रिटायर होकर वापस घर लौटे, तब उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला। उन्होंने अपने दस्तावेजों और सबूतों के साथ 18 अगस्त 2025 को बस्तर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ठगी की बात कबूल कर ली है। वहीं उसका साथी वैधनाथ ठाकुर फरार है, जिसे जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
इस कार्रवाई में शामिल अधिकारी
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक सुरेश कुमार जांगड़े, प्रआर उमेश चंदेल, कृष्णा मरावी, चोवादास गेंदले, आरक्षक भुवन सार्दुल, निरंजन वैध और सै. उमेश ठाकुर की अहम भूमिका रही।
बस्तर पुलिस की सख्ती
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में इस तरह के आपराधिक तत्वों और धोखाधड़ी करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जमीन के नाम पर ठगी करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।